ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
Chicken Neck Railway Project: देश के सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण चिकेन नेक (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) में रेल नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे ने अहम कदम बढ़ाया है. रेलवे बोर्ड की स्वीकृति के बाद ठाकुरगंज–चटेरहाट (रंगापानी–धूमडांगी) के बीच प्रस्तावित 24.40 किलोमीटर लंबी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) और सॉयल इन्वेस्टिगेशन का कार्य शुरू हो गया है. सर्वे पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक स्वीकृतियां और निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा.
प्रमुख जानकारी
वैज्ञानिक तरीके से हो रही मिट्टी की जांच
प्रस्तावित रेलमार्ग पर विभिन्न स्थानों पर बोरहोल ड्रिलिंग कर मिट्टी के नमूने लिए जा रहे हैं. इनकी जांच के माध्यम से भूमि की भार वहन क्षमता, भू-वैज्ञानिक संरचना, जलस्तर तथा रेलवे ट्रैक, पुलों और अन्य संरचनाओं के निर्माण की उपयुक्तता का परीक्षण किया जाएगा. इसके अलावा प्रस्तावित पुलों के जलमार्ग, स्टेशन यार्ड, जल निकासी व्यवस्था, भूमि आवश्यकता और ट्रैफिक सर्वेक्षण सहित कई तकनीकी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है.
चेंगा नदी पर बनेगा नया रेल पुल
प्रारंभिक अलाइनमेंट के अनुसार नई रेल लाइन ठाकुरगंज स्टेशन के उत्तर दिशा से निकलकर सियालडांगा और धर्मकांटा चौक के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-327E को पार करेगी. इसके बाद रेलमार्ग बोड़ो बंगला, छैतनगुड़ी, जोगी टोला, थापोडांगी, डूमड़ीडांगी, डोआडांगी और पतला भाषा क्षेत्र से होकर गुजरेगा. पतला भाषा घाट के समीप चेंगा नदी पर प्रस्तावित नए रेलवे पुल के माध्यम से रेल लाइन पश्चिम बंगाल की सीमा में प्रवेश कर चटेरहाट के निकट मुख्य रेल लाइन से जुड़ेगी. अंतिम अलाइनमेंट का निर्धारण तकनीकी सर्वे पूरा होने के बाद किया जाएगा.
चिकेन नेक को मिलेगा चौथा रेल कॉरिडोर
नई रेल लाइन बनने के बाद चिकेन नेक क्षेत्र में चौथा रेल कॉरिडोर विकसित होगा. वर्तमान में इस क्षेत्र में कटिहार–किशनगंज–अलुआबाड़ी रोड–चटेरहाट–न्यू जलपाईगुड़ी, कटिहार–किशनगंज–अलुआबाड़ी रोड–ठाकुरगंज–सिलीगुड़ी तथा कटिहार–अररिया–ठाकुरगंज–गलगलिया–सिलीगुड़ी रेल कॉरिडोर संचालित हैं. प्रस्तावित रेल लाइन ठाकुरगंज को सीधे न्यू जलपाईगुड़ी मुख्य रेल मार्ग से जोड़ देगी, जिससे परिचालन क्षमता बढ़ेगी और मौजूदा रेल मार्गों पर दबाव कम होगा.
सामरिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना
चिकेन नेक, जिसे सिलीगुड़ी कॉरिडोर भी कहा जाता है, देश के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ने वाला सबसे महत्वपूर्ण स्थलीय संपर्क मार्ग है. लगभग 22 किलोमीटर चौड़ा यह गलियारा नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और चीन (तिब्बत) की सीमाओं के निकट स्थित है. ऐसे में इस क्षेत्र में वैकल्पिक रेल कॉरिडोर का निर्माण राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य रसद, माल परिवहन और पूर्वोत्तर भारत की निर्बाध कनेक्टिविटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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