Water Crisis: ठंड में ही दो फुट नीचे गिरा समस्तीपुर का भूजल, गर्मी में मच सकता है पेयजल के लिए हाहाकार

Water Crisis: भूमिगत जल का रिचार्ज सही हिसाब से नहीं हो पाता है. लोग भूमिगत के रिचार्ज के लिए संजीदगी नहीं दिखा रहे हैं. सिर्फ वर्षा जल के भरोसे ही भूमिगत जल का रिचार्ज होता है.

By Ashish Jha | January 2, 2026 2:21 PM

Water Crisis: समस्तीपुर : जिले में भूमिगत की स्थिति लगातार चिंताजनक स्थिति में पहुंच रही है. वर्ष 2023 के नवंबर में भूमिगत जल का लेयर 20.3 फीट पर था, वहीं वर्ष 2024 के नवंबर में भूमिगत जल का लेयर 21.11 फीट पर चला गया था, वहीं वर्ष 2025 में भूमिगत जल औसत स्तर जिले में 22.6 फीट पर चला गया. यानि वर्ष 2023 की तुलना में भूमिगत जल का लेयर 2.2 फीट नीचे चला गया है. विदित हो भूमिगत जल का लेयर 22 फीट के नीचे जाने के बाद सामान्य चापाकल ठीक से काम नहीं करता है. जिले में पेयजल से लेकर सिंचाई तक के लिए भूमिगत जल का दोहन किया जाता है. अगर भूमिगत जल का दोहन की यही स्थिति बनी रहती तो आने वाले समय भीषण जल संकट की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है.

न लोग गंभीर , न सरकार को चिंता

मई जून की बात तो दूर अभी से ही कई प्रखंडों में पेजयल की समस्या उत्पन्न हो गयी है. लोगों को पेयजल की चिंता सताने लगी थी. जिले की आबादी लगातार बढ़ रही है. वर्ष 2023 की जनगणना की मुताबिक जिले की आबादी 57 लाख पार कर चुकी है. वहीं एक व्यक्ति द्वारा स्नान से लेकर दैनिक क्रिया क्रम में औसतन 145 लीटर पानी का उपयोग किया जाता है. इस हिसाब से जिले की जनसंख्या को देखते हुए हर दिन होने वाली पानी की खपत का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. इसके आलावा पशुओं, उद्योग के साथ सिंचाई के लिए भी भूमिगत जल का ही दोहन किया जाता है. वहीं भूमिगत जल का रिचार्ज इस हिसाब से नहीं हो पाता है. लोग भूमिगत के रिचार्ज के लिए संजीदगी नहीं दिखा रहे हैं. सिर्फ वर्षा जल के भरोसे ही भूमिगत जल का रिचार्ज होता है.

सेमी क्रिटिकल स्थिति में पहुंच भूजल स्तर

जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक जिले के ताजपुर प्रखंड में भूमिगत जल का बहुत अधिक दोहन दो रहा है. यहां भूमिगत जल का 108.4 प्रतिशत दोहन हो रहा है. इसी तरह दलसिंहसराय प्रखंड में भी भूमिगत जल के दोहन के की स्थिति क्रिटिकल है. यहां 98.7 भूमिगत जल का 98.17 प्रतिशत दोहन हो रहा है. जिले के पांच प्रखंडों में भूमिगत जल की स्थिति सेमी क्रिटिकल स्थिति में पहुंच गयी है. इन प्रखंडों में विभूतिपुर, कल्याणपुर, सरायरंजन, उजियारपुर तथा विद्यापतिनगर प्रखंड शामिल है. विभूतिपुर प्रखंड में भूमिगत जल का 77.10 प्रतिशत दोहन हो रहा है. कल्याणपुर प्रखंड में 72.30 प्रतिशत दोहन हो रहा है. सरायरंजन प्रखंड में 83.43 प्रतिशत दोहन हो रहा है. उजियारपुर में 73.45 प्रतिशत दोहन हो रहा है. विद्यापतिनगर प्रखंड में 75.80 प्रतिशत दोहन हो रहा है. सबसे कम 59.26 प्रतिशत दोहन वारिसनगर प्रखंड में हो रहा है.

भूमिगत जल का तुलनात्मक स्थिति प्रखंडवार फुट में

नवंबर वर्ष 2023 – जलस्तर – दिसंबर वर्ष 2025 – जलस्तर

  • विभूतिपुर – 19.04 विभूतिपुर – 24.03
  • बिथान – 14.06 बिथान – 21.01
  • दलसिंहसराय – 20.06 दलसिंहसराय- 21.05
  • हसनपुर – 18.08 हसनपुर – 18.07
  • कल्याणपुर – 23.03 कल्याणपुर – 24.01
  • खानपुर – 20.08 खानपुर – 24.06
  • मोहनपुर – 17.02 मोहनपुर – 23.08
  • मोहिउद्दीननगर – 17.02 मोहिउद्दीननगर – 20.05
  • मोरवा – 22.05 मोरवा – 19.10
  • पटोरी – 21.01 पटोरी – 23.03
  • पूसा – 25.09 पूसा – 28.03
  • रोसड़ा – 20.02 रोसड़ा – 21.04
  • समस्तीपुर – 18.07 समस्तीपुर – 26.04
  • सरायरंजन – 18.08 सरायरंजन – 26.00
  • शिवाजीनगर – 21.05 शिवाजीनगर – 18.09
  • सिंघिया – 18.02 सिंघिया – 16.04
  • ताजपुर – 18.07 ताजपुर – 24.03
  • उजियारपुर – 27.11 उजियारपुर – 24.11
  • विद्यापतिनगर – 19.04 विद्यापतिनगर – 21.03
  • वारिसनगर – 22.09 वारिसनगर – 22.01

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