Bihar Flood Alert : बाढ़ का पानी बढ़ता जा रहा है और छह पंचायतें पूरी तरह पानी से घिर गई हैं. ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी समस्या आवागमन, पशुओं के चारे और राहत सामग्री की है. कई जगहों पर सड़कें भी पानी में डूब गई हैं, जिसके कारण लोगों का बाजार, हाट और दूसरी जगहों पर आना-जाना मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और स्थानीय विधायक से तत्काल राहत व्यवस्था कराने की मांग की है.
छह पंचायतों के चारों तरफ पानी ही पानी
ग्रामीणों का कहना है कि छह पंचायतें इस समय पूरी तरह बाढ़ से घिरी हुई हैं. गांवों के आसपास पानी लगातार बढ़ रहा है. कई स्थानों पर सड़कें भी पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं. ऐसी स्थिति में ग्रामीणों के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाना मुश्किल हो गया है.
ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक पानी कम होने के बजाय लगातार बढ़ रहा है. चारों तरफ पानी लबालब है और सुरक्षित रास्ता भी उपलब्ध नहीं है. इससे लोगों में आगे की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है.
आने-जाने का कोई साधन नहीं
बाढ़ के कारण ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है. बाजार और हाट जाने के लिए भी कोई साधन नहीं बचा है. सबसे ज्यादा परेशानी बीमार लोगों को अस्पताल या चिकित्सकीय सुविधा तक पहुंचाने में होने की आशंका है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसी व्यवस्था कराने की मांग की है, जिससे किसी रोगी या जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर सुरक्षित तरीके से बाहर ले जाया जा सके.
पशुओं के चारे की भी बढ़ी समस्या
बाढ़ के बीच पशुपालकों के सामने पशुओं के चारे की समस्या भी गंभीर होती जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि पानी के कारण सामान्य आवागमन बंद है और चारा लाने में परेशानी हो रही है.
ग्रामीणों ने डीएम से विशेष रूप से पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराने की अपील की है, ताकि बाढ़ के दौरान मवेशियों को भी सुरक्षित रखा जा सके.
डीएम और विधायक से राहत सामग्री भेजने की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और स्थानीय विधायक से तत्काल राहत सामग्री भेजने की मांग की है. उनका कहना है कि बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर हो रही है और ऐसे में प्रशासन को प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए ठोस व्यवस्था करनी चाहिए.
ग्रामीणों की मांग है कि जरूरतमंद परिवारों तक भोजन, जरूरी सामान और पशुओं के लिए चारा पहुंचाया जाए. साथ ही आवागमन के लिए नाव या अन्य सुरक्षित साधन उपलब्ध कराया जाए, ताकि आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकाला जा सके.
पानी बढ़ता रहा तो और बिगड़ सकते हैं हालात
ग्रामीणों के अनुसार पानी अभी भी बढ़ रहा है. ऐसे में यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो आने वाले समय में परेशानी और बढ़ सकती है. सड़कें पहले ही पानी में डूब चुकी हैं और गांवों के बीच संपर्क प्रभावित होने लगा है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि स्थिति पूरी तरह गंभीर होने का इंतजार न किया जाए, बल्कि समय रहते राहत और बचाव की व्यवस्था शुरू की जाए.
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