Hajipur news: (कैफ अहमद) वैशाली जिले में निजी ट्यूशन और कोचिंग चलाने वाले सरकारी शिक्षकों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. बिहार सरकार के शिक्षा विभाग से प्राप्त निर्देशों के बाद स्पष्ट किया गया है कि सरकारी विद्यालयों में कार्यरत कोई भी शिक्षक यदि निजी ट्यूशन, कोचिंग संस्थान या अन्य व्यावसायिक शिक्षण गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
सरकारी स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होने पर जताई चिंता
प्रशासन का कहना है कि सरकारी शिक्षकों की पहली और सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है. निजी ट्यूशन और कोचिंग में संलिप्तता से सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होती है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.
अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश
जिला प्रशासन ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और विद्यालय प्रधानों को नियमित निगरानी रखने का निर्देश दिया है. साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सरकारी शिक्षक निर्धारित नियमों का पालन करें और पूरी निष्ठा के साथ विद्यालयी कार्यों का निर्वहन करें.
शिकायत मिलने पर होगी जांच और कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी सरकारी शिक्षक के खिलाफ निजी ट्यूशन या कोचिंग चलाने की शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी जांच कराई जाएगी. आरोप सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
छात्रों के हितों से समझौता बर्दाश्त नहीं
जिलाधिकारी ने कहा कि छात्रों के हित सर्वोपरि हैं और उनके भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. प्रशासन की नजर ऐसे मामलों पर लगातार बनी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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