Hajipur News: (गोपाल कुमार राय) हाजीपुर-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-22 (एनएच-22) के दोनों किनारों पर सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की गई. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), पथ निर्माण विभाग और नगर परिषद की संयुक्त टीम ने बुलडोजर चलाकर कई पक्के मकानों, दुकानों और अन्य स्थायी एवं अस्थायी निर्माणों को हटाया. कार्रवाई के दौरान इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए.
पुलिस बल की मौजूदगी में चला अतिक्रमण हटाओ अभियान
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था. जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क किनारे बने निर्माणों को हटाया गया. प्रशासन का कहना है कि संबंधित लोगों को पहले कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन समय पर अतिक्रमण नहीं हटाने के कारण यह कार्रवाई करनी पड़ी.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई कार्रवाई
पथ निर्माण विभाग के अधिकारी परमीत शाही ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बने अवैध निर्माणों को हटाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश प्राप्त हुए हैं. उसी के अनुपालन में एनएच के किनारे सरकारी भूमि पर बने स्थायी और अस्थायी ढांचों को हटाया जा रहा है. गुरुवार को हाजीपुर के दिग्घी पूर्वी क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर अभियान चलाया गया.
मुआवजा देने के बाद भी नहीं हटाए गए निर्माण
अधिकारियों के अनुसार एनएच-22 के विस्तार के लिए भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका था और प्रभावित रैयतों को नियमानुसार मुआवजा भी दिया गया था. इसके बावजूद कई लोगों ने अधिग्रहित भूमि पर बने मकानों और दुकानों को खाली नहीं किया. कई चरणों में नोटिस और अंततः रेड नोटिस जारी करने के बाद बुलडोजर कार्रवाई की गई.
चैला चौक से महुआ मोड़ तक हटाया गया अतिक्रमण
प्रशासन के मुताबिक गुरुवार को अभियान की शुरुआत हाजीपुर के चैला चौक से की गई और महुआ मोड़ तक राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों किनारों से अवैध निर्माण हटाए गए. अधिकारियों ने संकेत दिया कि आगे भी जिले के अन्य हिस्सों में यह अभियान जारी रहेगा.
एनएच के बाद एसएच किनारे भी चलेगा अभियान
पथ निर्माण विभाग ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अतिक्रमण हटाने के बाद राज्य राजमार्ग (एसएच) के आसपास बने अवैध निर्माणों के खिलाफ भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी. संबंधित विभागों ने लोगों से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण नहीं करने और स्वेच्छा से निर्माण हटाने की अपील की है.
सड़क सुरक्षा बढ़ाने और हादसे कम करने पर जोर
एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अवैध निर्माण सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते हैं. सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप पूरे देश में ऐसे अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है. इससे यातायात सुगम होगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है.
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