हाजीपुर में खुले में फेंकी हुई मिली लाखों की सरकारी दवाई, विभाग ने जांच की शुरू

Hajipur News: खुले में फेंकी गई लाखों की सरकारी दवाओं की जांच शुरू, बैच नंबर के आधार पर होगी पहचान, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

Hajipur News: (कैफ अहमद) राजापाकर प्रखंड क्षेत्र के चवर में भारी मात्रा में सरकारी दवाएं एवं सर्जिकल सामान खुले में फेंके जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन हरकत में आ गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है. अधिकारियों की टीम बैच नंबर और अन्य अभिलेखों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि दवाएं किस जिले अथवा स्वास्थ्य संस्थान की थीं और उन्हें किसके द्वारा फेंका गया.

अधिकांश दवाओं की एक्सपायरी 2027 तक

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि फेंकी गई अधिकांश दवाओं की एक्सपायरी जनवरी 2027 तक है. ऐसे में उपयोगी सरकारी दवाओं को खुले में फेंके जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं. स्वास्थ्य विभाग यह भी जांच कर रहा है कि दवाओं के निस्तारण की निर्धारित प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया.

डीएम ने दिए सख्त जांच के निर्देश

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की गहन जांच करने का निर्देश दिया है. डीएम ने कहा कि दोषी व्यक्ति, संस्था अथवा संवेदक की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

दवाओं की बर्बादी बर्दाश्त नहीं

जिला पदाधिकारी ने कहा कि आम लोगों के उपचार के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सरकारी दवाओं की इस प्रकार बर्बादी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है. यह न केवल सरकारी संसाधनों की क्षति है, बल्कि जरूरतमंद मरीजों के अधिकारों का भी हनन है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

स्वास्थ्य विभाग जुटा जांच में

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दवाओं के बैच नंबर, पैकिंग और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि दवाएं किस आपूर्ति श्रृंखला से संबंधित हैं. मामले की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण का खुलासा हो सकेगा.

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Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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