तीन माह पहले अपहृत छात्रा ने की खुदकुशी

घर से बहला-फुसला कर ले गयी थी गांव की ही एक महिला अपहरणकर्ता के चंगुल से छूट कर आयी छात्रा ने दर्ज करायी थी प्राथमिकी गिरफ्तारी नहीं होने पर आत्महत्या करने की पुलिस को दे चुकी थी सूचना गोरौल/भगवानपुर : तीन माह पहले अपहृत ग्रैजुएट की एक छात्रा न्याय नहीं मिलने से त्रस्त होकर मंगलवार […]

घर से बहला-फुसला कर ले गयी थी गांव की ही एक महिला

अपहरणकर्ता के चंगुल से छूट कर आयी छात्रा ने दर्ज करायी थी प्राथमिकी
गिरफ्तारी नहीं होने पर आत्महत्या करने की पुलिस को दे चुकी थी सूचना
गोरौल/भगवानपुर : तीन माह पहले अपहृत ग्रैजुएट की एक छात्रा न्याय नहीं मिलने से त्रस्त होकर मंगलवार को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. घटना थाना क्षेत्र के हुसैना बुजुर्ग गांव में मंगलवार की सुबह नौ बजे की है. मृतका संगीता कुमारी(19) हुसैना खुर्द गांव निवासी महेश साह की पुत्री थी. परिजनों ने हुसैना पंचायत भवन पर शव को रखकर न्याय की मांग करने लगे. पांच घंटे तक शव वहां पड़ा रहा. दोपहर तीन बजे ग्रामीण शव को सड़क पर रखकर हंगामा करने लगे.
आक्रोशित लोग युवती को प्रताड़ित करने वालों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे. घटना की सूचना मिलते ही गोरौल और भगवानपुर थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. दोनों थाने की पुलिस ग्रामीणों तथा परिजनों को समझाने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग गोरौल थानाध्यक्ष को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े हुए थे. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया.
इस संबंध में मृतका की मां जयमंती देवी एवं भाई ने बताया कि बीते छह फरवरी को गांव के ही सत्येंद्र ठाकुर की पत्नी रेणु देवी एवं उसके संबंधी वैशाली थाना क्षेत्र के खगौलिया गांव निवासी प्रभु ठाकुर संगीता को बहला-फुसला कर घर से भाग कर ले गये थे.
दो माह बाद संगीता वापस आयी और 22 अप्रैल को गोरौल थाने में अपहरण कर लिये जाने का आवेदन दिया था. पुलिस ने कांड संख्या 82/17 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली थी. प्राथमिकी में रेणु देवी और प्रभु ठाकुर को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अभियुक्तों द्वारा घर पर चढ़ कर बार-बार झगड़ा करने एवं युवती को प्रताड़ित किया जाने लगा. पीड़िता ने इसकी जानकारी गोरौल के थानाध्यक्ष से लेकर वरीय अधिकारियों को दिया गया था.पुलिस की उदासीन रवैया को देखते हुए संगीता ने गोरौल थानाध्यक्ष को पूर्व में सूचित किया गया था कि अगर अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं हुई और उसे न्याय नहीं मिला, तो आत्महत्या कर लेगी. अंतत: मंगलवार की सुबह न्याय नहीं मिलने से निराश संगीता ने फांसी के फंदे से झूल कर आत्महत्या कर ली.
अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चल रही छापेमारी
मृतका की मां जयमंती देवी ने एक आवेदन दिया है. इसमें गांव की ही रेणु देवी, प्रभु ठाकुर सहित अन्य लोगों को प्रताड़ित करने और आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया है. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेज दिया है. अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
विक्रम आचार्य, थानाध्यक्ष, भगवानपुर

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