बिजली की लचर व्यवस्था पर हंगामा
बिदुपुर/राजापाकर : बिजली की आंखमिचौनी और लगातार बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों के सब्र का बांध टूट गया. सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित उपभोक्ताओं ने हाजीपुर-जंदाहा एनएच-103 को चकसिकन्दर बाजार चौक पर जाम कर घंटों जमकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बाजार की सारी दुकानें बंद करा दी.
तकरीबन पांच घंटे के जाम और प्रदर्शन के बाद बिदुपुर पुलिस प्रशासन, प्रखण्ड बीडीओ एवं विभाग के एसडीओ के पहल पर सड़क मार्ग से लोग हटे.प्रदर्शन कर रहे लोगों में सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष प्रेम कुमार यादव, अमित कुमार, किराना दुकानदार उमानाथ चौधरी, अर्जून साह, लोहा सिंह, श्री राम इलेक्ट्रॉनिक, शिवसागर वस्त्रालय, कुमार हार्डवेयर दुकानदारों ने बताया कि तीन-चार महीनों से क्षेत्र को बिदुपुर पावर सब स्टेशन से पाच से छह घंटे तक कट लगाये जाते हैं.
। बार-बार शिकायत पर विभाग के अधिकारी कभी तैतीस हजार तार का ब्रेक डाउन कभी तकनीकी खराबी का बहाना बनाते हैं, जबकि सरकार ने बिजली का दर बढ़ाकर बड़े शहर के अनुपात में कर दिया है.
सरकार पर आरोप : उपमुख्यमंत्री के क्षेत्र में ये हाल तो पूरे बिहार का क्या : बिजली की समस्या को लेकर सरकार के महागठबन्धन के बड़े दल के लोग भी गुस्से में दिखे. लोग प्रदर्शन के दौरान नितीश कुमार मुर्दाबाद के नारे भी लगा रहे थे. उनके आरोप थे कि नीतीश कुमार का यह कथन कि बिहार को अठारह घण्टे बिजली मिलेगी ढकोसला साबित हो रहा है. जब बिदुपुर जहां से तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री हैं, वहां बिजली पांच घंटे भी उपलब्ध नहीं है, तो बिहार में अठारह घंटे बिजली की आपूर्ति का दावा निर्रथक ही किया जा रहा है. लोगों ने बताया कि यह जनता से जुड़े मामले हैं, इसलिये सभी पार्टी से अलग हटकर सड़क पर उतरे हैं.
बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों को बिजली विभाग के एसडीओ उमाशंकर ने लिखित शपथ पत्र लिखकर दिया कि क्षेत्र को बुधवार से अठारह घंटे बिजली की आपूर्ति की जायेगी. इसके बाद लोग सड़क से हटे और यातायात सेवा चालू हुआ.
बिजली की समस्या का कारण : हाजीपुर से बिदुपुर मरमल्ला चंवर के रास्ते आई तैतीस हजार तार लगभग डेढ़ दशक पुरानी लोहे की है, जो पूरी तरह जर्जर स्थिति में है, जिसकी क्षमता तीन मेगावाट बिजली आपूर्ति की है. वर्तमान में पन्द्रह मेगावाट बिजली उसी तार के जरिये बिदुपुर पावर सब स्टेशन से आपूर्ति की जाती है. क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने का ठेका गोदरेज कम्पनी को मिला हुआ है. गोदरेज ने क्षेत्र में पोल तार दुरुस्त करने में डेढ़ साल लगा दी क्षेत्र में पोल तार बदले जाने के बाद बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई, जिससे पावर बढ़कर चौदह मेगावाट हो गया. अगर क्षेत्रीय तार पोल बदलने की जगह पहले तैंतीस हजार के जर्जर तार को बदला जाता, तो यह समस्या नहीं होती. पिछले तीन महीने से तैतीस हजार तार पोल बदलने के कार्य शुरू किये गये जो अगस्त से पहले पूरा नही किया जा सकता है.
