मांग. शहीद के परिजनों को उचित मुआवजा नहीं मिलने पर निकाला आक्रोश मार्च
हाजीपुर : दूसरे राज्यों की तुलना में इस राज्य में शहीदों के परिजनों को उचित मुआवजा नही मिलने एवं महज पांच लाख रुपये मुआवजा देने की सरकार की घोषणा से नाराज राष्ट्रीय युवा विकास परिषद के सदस्यों ने शुक्रवार को नगर में आक्रोश मार्च निकाला.मार्च स्थानीय रामाशीष चौक स्थित शहीद स्मारक से स्टेशन रोड स्थित भारत माता के मंदिर तक निकाला गया.परिषद के सदस्यों एवं सैंकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता मार्च में शामिल हुए और सरकार की उक्त घोषणा का विरोध किया.मार्च में शामिल परिषद के सदस्यों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार शहीदों के मामले में तानाशाही रवैया अपना रही है.
नगर में प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित सदस्यों का कहना है कि जिले के लोमा गांव के शहीद अभय कुमार चौधरी सहित राज्य के सभी छह शहीदों के परिजनों के प्रति सरकार घोर अन्याय कर रही है.मार्च का नेतृत्व परिषद के पदाधिकारी अंशु सिंह,रविशंकर एवं शुभम ने किया. इस मौके पर राजा उत्सव, कुंदन चौधरी, प्रकाश, गोलू सहित काफी संख्या में परिषद के सदस्यों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही.
शहीदों की शहादत को सरकार बना रही मजाक : प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद परिषद के अध्यक्ष किशलय किशोर ने अपना आक्रोश जताते हुए कहा कि शराब पीकर मरने वालों को सरकार चार लाख रुपये मुआवजा देती है और देश की रक्षा के क्रम में शहीद हुए वीर सपूतों के परिजनों को करीब उतनी ही राशि देकर शहीदों की शहादत का मजाक बनाया जा रहा है.
पांच लाख रुपये मुआवजे की सरकार द्वारा घोषणा करना शहीदों का अपमान है.दूसरे राज्यों में शहीदों को 25 से 50 लाख रुपये तक मुआवजे दिये जाने की घोषणा वहां की सरकारों ने की है.उन्होंने शहीदों के शव को लेकर आ रहे वाहन को रोक कर मुख्यमंत्री के काफिले को आगे निकालने को लेकर भी आक्रोश जताया.साथ ही यह भी कहा कि शहीद अभय के गांव के करीब से गुजरने वाले कई बड़े नेताओं ने परिजनों की खबर भी नहीं ली और नहीं शहीद के अंतिम दर्शन को ही अपना दायित्व समझा.
काली पट्टी बांध कर किया प्रदर्शन : आक्रोश मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं ने हाथ में कालीपट्टी बांध कर नगर में प्रदर्शन किया.राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष चंदन सिंह एवं भाजपा नेता अमित सिंह ने शहीद के परिजनों को शीघ्र एक सरकारी नौकरी एवं 25 लाख रुपये मुआवजे देने की सरकार से मांग की.
