गांधी सेतु : वनवे का ट्रायल सफल, लेकिन आगे की राह में सुरक्षा व्यवस्था बड़ी चुनौती

कवायद . तीन शिफ्टों में 200 से अधिक अतिरिक्त बलों की होगी जरूरत पटना : गांधी सेतु के जीर्णोद्धार से पहले पाया संख्या एक से आठ तक पश्चिमी फ्लैंक को बंद कर ट्रायल किया गया. ट्रायल सेतु के साथ-साथ पीपा पुल पर भी किया गया. 24 घंटों के ट्रायल कमोबेश सफल रहे. अगर इस व्यवस्था […]

कवायद . तीन शिफ्टों में 200 से अधिक अतिरिक्त बलों की होगी जरूरत
पटना : गांधी सेतु के जीर्णोद्धार से पहले पाया संख्या एक से आठ तक पश्चिमी फ्लैंक को बंद कर ट्रायल किया गया. ट्रायल सेतु के साथ-साथ पीपा पुल पर भी किया गया. 24 घंटों के ट्रायल कमोबेश सफल रहे. अगर इस व्यवस्था को स्थायी रूप से लागू किया जाता है, तो पुलिस प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती दियारा इलाके में सुरक्षा व्यवस्था की होगी. रात को पीपा पुल से पटना से हाजीपुर की ओर गाड़ियां चलेंगी. ऐसे में दियारा इलाके में पुलिस की गश्ती के साथ-साथ उनकी प्रतिनियुक्ति भी करनी होगी. लेकिन, होमगार्ड के जवानों की हड़ताल पर जाने के बाद करीब 400 बल ट्रैफिक पुलिस से अलग हो चुके हैं.
फिलहाल ट्रैफिक पुलिस के पास करीब 250 जवान हैं, जिनके भरोसे पूरे शहर और बाइपास की ट्रैफिक व्यवस्था है. ट्रैफिक बलों की कमी के बावजूद गांधी सेतु के साथ-साथ पीपा पुल पर भी तीन शिफ्टों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती करनी होगी. एक अंदाज के मुताबिक दोनों पुलों पर सुचारु परिचालन और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 200 से अधिक जवानों की जरूरत होगी.
लिंक पथों पर चुनौती कम नहीं : पीपा पुल को जोड़नेवाले लिंक पथों पर भी ट्रैफिक की चुनौती कम नहीं होगी. गाड़ियों के आवागमन बढ़ने के बाद यहां दबाव की स्थिति बनेगी, जिससे जाम की समस्या उत्पन्न होगी. इस स्थिति से बचने के लिए पहाड़ी पर, एनएमसीएच, बिस्कोमान चौराहा जैसे जगहों पर विशेष ट्रैफिक प्लान बनाने होंगे. साथ ही पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक बलों की भी तैनाती करनी होगी.
एक और चुनौती यह होगी कि बारिश के मौसम में गंगा के उफान पर आने के बाद पीपा पुल को बंद किया जा सकता है. ऐसे में सेतु पर पुन: दबाव बनेगा. इस स्थिति से निबटने के लिए पहले से वैकल्पिक व्यवस्था तय करनी होगी.
वनवे में क्रेन की करनी होगी व्यवस्था : गांधी सेतु पर जहां परिचालन वनवे होगा, वहां क्रेन की व्यवस्था करनी होगी. अगर एक पूर्वी फ्लैंक पर किसी एक दिशा की कोई गाड़ी खराब होती है, तो लंबा जाम लग सकता है. ऐसे में क्रेन और पुल की कटिंग के इस्तेमाल की विशेष योजना बनानी होगी.
लग्न में बढ़ेगा वाहनों का दबाव : शादियों के मौसम में सेतु पर यात्री वाहनों का दबाव भी बढ़ेगा. अगर यहां जाम की समस्या उत्पन्न होती है, तो परेशानी बढ़ेगी. पीपा पुल पर रात में सुचारु परिचालन व किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए रोशनी की पुख्ता व्यवस्था करनी होगी.
पीपा पुल पर पहले की तरह वाहनों का परिचालन फिर हुआ शुरू
पटना/हाजीपुर : गंगा नदी पर बने पीपा पुल पर शुक्रवार को पहले की तरह वाहनों का परिचालन हुआ. सुबह छह बजे से हाजीपुर की ओर से पटना के लिए छोटे वाहन और बाइक को जाने की इजाजत दी गयी. हालांकि, शुक्रवार को आंबेडकर जयंती के अवसर पर अवकाश होने के कारण वाहनों का दबाव कम रहा. इधर सेतु पर भी वाहनों की आवाजाही कम देखी गयी.
मालूम हो कि सेतु के जीर्णोद्धार को लेकर पटना और वैशाली जिला प्रशासन की संयुक्त बैठक में लिये गये निर्णय के आलोक में पीपा पुल पर गुरुवार को शाम पांच बजे से पटना से आनेवाले छोटे वाहनों का परिचालन कराया गया था. पीपा पुल से रात में भी वाहन गुजर रहे थे. पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की पुख्ता व्यवस्था की थी. रोशनी के लिए 80 सोडियम लाइटें लगायी गयी थी. प्रशासन ने ट्रायल के रूप में नयी व्यवस्था की थी.
शुक्रवार को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक पहले की तरह हाजीपुर की ओर से छोटे वाहनों का परिचालन कराया गया. हालांकि बाइक सवार दोनों छोर से आ जा रहे थे. शाम छह बजे के बाद भी कई वाहन चालक पीपा पुल से होकर पटना जाने के लिए तेरसिया घाट पर पहुंचे थे. लेकिन वहां तैनात पुलिस पदाधिकारी ने वाहन चालकों को पीपा पुल से गुजरने से मना करते हुए लौटा दिया. इसके बाद वाहन चालक सेतु से होकर पटना की ओर जाते देखे गये.

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