सरकार के अड़ियल रवैये पर संघ ने जतायी चिंता
हाजीपुर : सेवानिवृत्त कॉलेज शिक्षक संघ की हाजीपुर शाखा की ओर से विश्वविद्यालय द्वारा मांगी गयी राशि को लेकर अड़ियल रवैया अपनाये जाने पर चिंता जतायी गयी. संघ की उक्त शाखा के कार्यकारिणी की एक बैठक में सदस्यों ने चिंता जताते हुए कहा कि दिसंबर 2015 में विश्वविद्यालय ने 104 करोड़ की राशि मांगी थी, लेकिन सरकार के अड़ियल रवैये के कारण राशि विमुक्त नहीं की गयी. बैठक स्थानीय मातृ सदन में प्रो. एमएन दास की अध्यक्षता में हुई. संघ के सचिव प्रो. नवल किशोर शर्मा ने शिक्षकों की लंबित समस्याओं की विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 से सेवानिवृत्त होनेवाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों के उपादान(ग्रैच्यूटी) एवं अर्जित अवकाश पर भुगतान होने वाली राशि अब तक लंबित है.
उन्होंने सरकार और विश्वविद्यालय से अनुरोध किया कि इस मद में अनुदान की राशि शीघ्र विमुक्त की जाये. बैठक के दौरान आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा गया कि विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों की लापरवाही से आठ महीनों तक सेवानिवृत्ति के पश्चात पेंशन पत्र (पीपीओ) निर्गत नहीं हो पाता है. जबकि सेवानिवृत्ति के वक्त ही पेंशन पत्र मिल जाना चाहिए. अन्य विश्वविद्यालयों से तुलना करते हुए कहा गया कि बिहार विश्वविद्यालय में तीन-चार महीने पर पेंशन का भुगतान होता है.
