अपील . महिलाअों की भागीदारी सराहनीय
हाजीपुर : इंडोनेशिया और थाइलैंड सहित अन्य एशियाई देशों में जिनमें भारत भी सम्मिलित है, वहां बेहतर ग्रामीण आजीविका के लिए लोगों के बीच व्यापक जागरूकता फैलाने की जरूरत है. कृषि व गैर-कृषि क्षेत्रों में आजीविका के विकास की संभावनाओं को तलाशने से काफी बेहतर नतीजे मिल सकते हैं. ये बातें गुरुवार को स्थानीय आरएन कॉलेज के सभागार में एशिया में ग्रामीण आजीविका अंतराष्ट्रीय अनुभव विषय पर आयोजित सेमिनार में बंगलादेश स्थित सेंटर ऑन इंटीग्रेटेड रूरल डेवलपमेंट फॉर एशिया एंड पैसिफिक के पूर्व निदेशक प्रो एसके सिंह ने कही. उन्होंने राज्य में महिलाओं की व्यापक भागीदारी की काफी सराहना की.
प्राचार्य सहित अन्य ने भी अपने विचार रखे : सेमिनार की अध्यक्षता कर रहे कॉलेज के प्राचार्य डॉ ओमप्रकाश राय ने सर्वप्रथम प्रो सिंह का अभिनंदन किया. प्राचार्य डॉ राय ने सेमिनार के विषय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि व्यावसायिक और परंपरागत पाठ्यक्रम दोनों अध्यनार्थियों के लिए उपयोगी हैं. उन्होंने कॉलेज के शिक्षकों व कर्मचारियों की सराहना की और कहा कि इनके बलबूते ही कॉलेज प्रगति की राह पर है. उन्होंने कॉलेज के अध्यनार्थियों को अनुशासित रहने के लिए धन्यवाद दिया. सेमिनार का आयोजन कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग, आइक्यूएसी और भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की बिहार शाखा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया. कॉलेज के राजनीति विज्ञान के डॉ रवींद्र कुमार वर्मा ने कहा कि विकासशील देशों में ग्रामीण आजीविका के तरीकों में परिवर्तन आ रहा है. उन्होंने युवाओं को प्रशिक्षण देने और महिला व पुरुष को साथ-साथ कदम बढ़ाकर विकास में अपना-अपना योगदान देने की अपील की. स्थानीय जमुनीलाल कॉलेज के प्राचार्य प्रो उपेंद्र प्रसाद सिंह ने भी अपनी बात रखी.
