चार साल में भी भवन नहीं हो सका चालू

अनदेखी. हाल लालगंज के मदरना में स्थापित दुग्ध शीतगृह भवन का चार साल पहले 12.50 लाख से बना था दुग्ध शीतगृह भवन लालगंज : वैशाली प्रखंड के मदरना में दुग्ध उत्पादकों के सहयोग के लिए बना दुग्ध शीतगृह भवन निर्माण के चार वर्ष बाद भी विभागीय लापरवाही के कारण चालू नहीं हो सका. इस कारण […]

अनदेखी. हाल लालगंज के मदरना में स्थापित दुग्ध शीतगृह भवन का

चार साल पहले 12.50 लाख से बना था दुग्ध शीतगृह भवन
लालगंज : वैशाली प्रखंड के मदरना में दुग्ध उत्पादकों के सहयोग के लिए बना दुग्ध शीतगृह भवन निर्माण के चार वर्ष बाद भी विभागीय लापरवाही के कारण चालू नहीं हो सका. इस कारण किसान अब तक शीतगृह के लाभ से वंचित हैं. उक्त भवन पशु अस्पताल एवं मध्य विद्यालय मदरना के बीच अवस्थित है. जिसका प्लास्टर व दीवारों का रंग भी अब झड़ने लगा है. मालूम हो कि इस भवन का निर्माण विभाग ने 12 लाख 50 हजार की लागत से कराया था.
दूध शीत करने की मशीन लगाकर इसे चालू करने और स्थानीय लोगों की समिति बनाकर उनके हवाले कर देने की योजना बनी थी. परंतु भवन बनने के बाद आगे का कार्य नहीं किया गया. जिससे दुग्ध उत्पादकों के हित में बनी सरकार की उपयोगी योजना के लाभ से पशुपालक वंचित हैं. वहीं सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना लाखों रुपये के खर्च होने के बावजूद बेकार पड़ी है.
लोगों ने किया डीएम से जांच कराने की मांग स्थानीय दुग्ध उत्पादक किसान देवेंद्र सिंह, शांति देवी, विश्वनाथ महतो, रवींद्र महतो, नथुनी सिंह, उर्मिला देवी, सुदर्शन भक्त, रमेश सिंह, संतोष पटेल, अजीत कुमार, अवधेश सिंह आदि ने बताया की शीतगृह चालू हो जाने पर हमलोगों का दूध गरमी से खराब नहीं होता. सरकारी पदाधिकारियों की लापरवाही व विभागीय उदासीनता के कारण हमलोग सरकार की इस योजना से मिलने वाले लाभ से वंचित हैं. लोगों ने योजना राशि के गबन का अंदेशा जताते हुए डीएम से योजना की जांच कराने व अधूरा कार्य अविलंब पूरा कराने की मांग की है.
बोले स्थानीय लोग
भवन निर्माण कार्य डीडीसी हाजीपुर की देखरेख में करायी गयी थी. मैंने इसकी मौखिक शिकायत प्रखंड विकास पदाधिकारी, वैशाली से कई बार की है. शिकायत की थी, लेकिन किसी ने इस पर संज्ञान नहीं ली.
महेंद्र सिंह, ग्रामीण, मदरना

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