बिदुपुर : हाजीपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जयराम प्रसाद ने कहा कि स्व विवेक आने से विवादों का निबटारा आपसी सहमति से हो सकता है. न्यायालयों में 100 रुपये के विवाद में लाखों रुपये तक खर्च हो जाते हैं. श्री प्रसाद बिदुपुर के रामदौली गांव में ग्राम कचहरी के उदघाटन के बाद ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि ग्राम कचहरी में किसी विवाद का निबटारा सुलह समझौते के आधार पर किया जाता है.
ग्राम कचहरी के न्यायपीठ वादी और परिवादी के बारे में भलीभांति जानते है, जबकि न्यायलय में केवल स्थापित कागजात और सूचना ही केवल मालूम होती है. इसलिए यहां का फैसला सही होता है. दबे और कमजोर वर्ग के लोगों को न्याय सही मिले, इसलिए ग्राम कचहरी में 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गयी है. उन्होंने कहा कि ग्राम कचहरी में 10 हजार तक की संपत्ति का दीवानी मामले तथा दो साल से कम सजा वाले फौजदारी मुकदमे की सुनवाई की जाती है. यहां पांच लोगों का पीठ बहुमत के आधार पर फैसला सुनाता है. यहां अधिवक्ता रखने का प्रावधान नहीं है. वादी-प्रतिवादी अपना पक्ष रखने के लिए स्थानीय प्रतिनिधि रख सकते हैं. मौके पर न्यायिक दंडाधिकारी नीरज कुमार ने कहा कि भारत में बिहार पहला राज्य है, जहां ग्राम कचहरी क्रियान्वयन के रूप में आयी. श्री कुमार ने ग्राम कचहरी के गठन पर न्याय प्रक्रिया, अधिकार और कार्यों के बारे में विस्तार से बताया. सरपंच सविता देवी ने आगत अतिथियों का स्वागत किया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी ललन प्रसाद सिंह ने की. मौके पर डॉ अभय कुमार सिंह, ब्रज किशोर झा, रितेश कुमार सिंह, उपसरपंच संतोष कुमार सिंह, बृजनंदन सिंह, चंद्रभूषण सिंह, डाॅ श्रीनाथ सिंह, अनिल कुमार सिंह, सुशील कुमार सिंह आदि मौजूद थे. संचालन राधाकांत सिंह ने किया.
