अपराध. राघोपुर दियारे से उत्तर बिहार के ठिकानों तक पहुंचता था गांजा
हाजीपुर : पटना नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने रविवार की अहले सुबह औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप के समीप छापेमारी कर एक ट्रक को जब्त कर उसपर लदा लगभग तीन टन गांजा बरामद किया. बीते माह 14 जनवरी (रविवार) की सुबह भी टीम ने इसी क्षेत्र से एक ट्रक पर लदे लगभग तीन टन गांजा बरामद किया था. दोनों बरामदगी रविवार को ही हुई. इससे यह स्पष्ट हो गया कि तस्कर रविवार को गांजे की खेप मंगवाने को सुरक्षित दिन मानते हैं. नारकोटिक्स विभाग भी यह मानती है कि रविवार को अवकाश का दिन होने के कारण धंधेबाज यह मानते हैं कि प्रशासनिक चहल-पहल कम होगी. स्थानीय पुलिस भी संडे मना रही होगी और इस बीच धंधेबाज आसानी से गांजे की बड़ी खेप ठिकाने तक पहुंचाने में सफल हो जाते थे.
पटना नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के बिहार व झारखंड के जोनल डायरेक्टर टी एन सिंह की मानें तो अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का सरगना राघोपुर दियारा का रहने वाला है. यहां से उत्तर बिहार के तमाम जिलों में गिरोह के सदस्य गांजा की खेप पहुंचाया करते थे. गिरोह का तार नेपाल के सीमावर्ती जिलों तक फैला हुआ है. विभाग का मानना है कि दियारा क्षेत्र में इस तरह की बड़ी खेप सप्ताह में पहुंचती है.
दियारा क्षेत्र से ही नदी के रास्ते नाव से राजधानी के ठिकानों तक धंधेबाज गांजा पहुंचाते हैं. धंधेबाज राघोपुर दियारा में ही दो किलो से लेकर 10 किलो का पैकेट बनाते हैं. पैकेट इतनी सावधानी और खूबसूरती से बनाया जाता है कि प्रथमदृष्टया आम लोगों की नजर में कुरियर का माल प्रतीत होता है. प्लास्टिक के टेप से बंडल को इस कदर चारों तरफ से बंद कर दिया जाता है कि गांजे की गंध बंडल से बाहर नहीं निकलती है.
धंधेबाजों के तार नेपाल के सीमावर्ती जिलों तक हैं फैले
पटना में नदी के रास्ते नाव से पहुंचायी जाती थी गांजे की खेप
रडार पर हैं जिले के कई सफेदपोश और पुलिस पदाधिकारी
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के हत्थे चढ़े तस्कर गिरोह के सदस्यों ने पूछताछ के दौरान टीम को कई अहम जानकारियां दी हैं. जोनल डायरेक्टर की मानें, तो करोड़ों रुपये के गांजे के धंधे में कई सफेदपोश और पुलिस पदाधिकारी की संलिप्तता उजागर हुई है. विभाग ने उनलोगों को चिह्नित कर लिया है. विभाग आवश्यक साक्ष्य तलाश रही है और जल्द ही उनलोगों पर विभाग का शिकंजा कसने वाला है. टीम राघोपुर दियारा और जेठुली गांव में इस धंधे से जुड़े लोगों को गिरफ्तार करने के लिए स्थानीय पुलिस से भी संपर्क बनायी हुई है.
विभाग ने एक माह पहले ही गिरोह को किया था चिह्नित
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने बीती जनवरी में ही गिरोह को चिह्नित कर लिया था. छापेमारी के दौरान टीम की थोड़ी सी चूक के कारण धंधेबाज मौके से फरार हो गए थे. टीम के हत्थे ट्रक का चालक और खलासी चढ़े थे. दोनों ने टीम ने गिरोह के संबंध में जानकारी दी थी लेकिन नाम और पता स्पष्ट नहीं होने के कारण टीम गिरोह के गिरेवान तक नहीं पहुंच पायी थी. रविवार को टीम ने ट्रक चालक को ही मोहरा बनाया और उसी के मोबाइल से धंधेबाज को ट्रक रिसीव करने के लिए पेट्रोल पंप तक बुलाया. टीम का मुख्य टारगेट गिरोह के सदस्यों को पकड़ना था. जैसे ही तीनों धंधेबाज ट्रक के समीप पहुंचे टीम ने उसे दबोच लिया. इसी बीच मौका मिलते ही ट्रक का चालक अंधेरे का फायदा उठाते हुए वहां से निकल भागा.
