अपराध. 11 कट्ठे जमीन के लिए हुई हत्या
तरैया : तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में पुलिस को लग गया 8 घंटा. थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव में गुरुवार की रात दोहरे हत्या की घटना करीब 11 बज कर 20 मिनट पर हुई. पुलिस सुबह 7 बजे के बाद पहुंची. इस वजह से ग्रामीणों में पुलिस के प्रति आक्रोश उत्पन्न हो गया. हत्या की घटना के बाद मृतक बुन्नी लाल कुशवाहा के परिजन रात भर थानाध्यक्ष को मोबाइल पर कॉल करते रहे लेकिन थानाध्यक्ष ने कॉल रिसीव नहीं किया. अंत में थक हार कर परिजनों ने पूर्व विधायक जनक सिंह को इसकी सूचना दी. पूर्व विधायक ने भी थानाध्यक्ष को कई बार कॉल किया. लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला.
बाद में इसकी सूचना एसडीपीओ अशोक कुमार सिंह को दी गयी. वह भी सुबह में सात बजे के बाद पहुंचे. उनके पहुंचने के आधा घंटा बाद थानाध्यक्ष घटना स्थल पर पहुंचे. पुलिस की उदासीनता से आक्रोशित ग्रामीणों ने नाराजगी प्रकट किया. एसडीपीओ के हस्तक्षेप से मामले को शांत कराया गया.
11 कट्ठा दो धूर जमीन के लिए गयी जान : मृतक के पुत्र राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि घर के बगल में स्थित ग्यारह कट्ठा दो धूर जमीन को लेकर 1991-92 से विवाद व केस चल रहा है. जिसमें आज छपरा कोर्ट में अंतिम फैसला होने वाला था. उनके पिता जी इस मामले में सुनवाई के लिए आज छपरा जाने वाले थे. इसके पहले हीं अपराधियों ने गोली मारकर उन्हें व उनकी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया. अपराधियों ने उनके पिता जी के बक्शे से जरूरी कागजात भी लेकर भाग गये. भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता व अवकाश प्राप्त राजस्व कर्मचारी बुन्नीलाल सिंह कुशवाहा तथा उनकी पत्नी की गोली मार कर हुई हत्या की घटना से ग्रामीण काफी मर्माहत है. घटनास्थल से गोली के दो खोखा बरामद की है. घटनास्थल पर पहुंचे एएसपी अशोक कुमार ने भी स्थिति का जायजा लिया. परिजनों व बम से जख्मी रितेश से एसडीपीओ ने अपराधियों के शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया.
घटना के बाद पुत्र राजेंद्र प्रसाद, ओम प्रकाश प्रसाद समेत परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है.
खाना खाकर सोये हुए थे दंपती
बुन्नीलाल सिंह कुशवाहा व उनकी पत्नी फुलमती देवी अपने घर के छत पर बनाये गये एस्बेस्टस के शेड में गुरुवार की रात्रि खाना खाकर सोये थे. इसी दौरान तीन चार की संख्या में आये हथियार बंद अपराधियों ने गोली मार कर दोनों की हत्या कर दी. सड़क किनारे स्थित घर के पास आये अपराधियों ने सबसे पहले दरवाजे पर लगे बल्ब को निकाल दिया और टार्च की रौशनी में सीढ़ी से छत पर चढ़े. छत पर चढ़ते ही अपराधियों ने चौकी पर सोये बुन्नीलाल सिंह कुशवाहा के गरदन के नीचे गोली मारी. आवाज सुन कर जगी उनकी पत्नी फूलमती देवी को भी अपराधियों ने निशाना बनाया और उन्हें भी गोली मार दी. जिससे दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. उस समय मृतक बुन्नीलाल सिंह कुशवाहा के पोता रीतेश कुमार घर के बगल में सड़क पर मोबाइल से बात कर रहा था. आवाज सुन कर वह अपने घर की तरफ दौड़ा तो, देखा तीन-चार लोग छत से उतर कर भाग रहे हैं. सामने युवक को देख कर अपराधियों ने उसके ऊपर बम फेंक दिया. किसी तरह भाग कर रितेश ने अपनी जान बचायी. बम के छीटे से वह जख्मी भी हो गया. शोर-गुल सुनकर परिजन व ग्रामीण इकट्ठा हुए तब तक अपराधी भाग चुके थे.
पूर्व विधायक ने लगाया लापरवाही का आरोप
पूर्व विधायक जनक सिंह ने पुलिस पर घटना के बाद लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सवा ग्यारह बजे घटना घटित होने के बाद परिजन व ग्रामीण पुलिस को फोन लगा कर थक गये. परंतु, थानाध्यक्ष ने फोन रिसीव नहीं किया. बाद में लोग उनके पास फोन लगाकर घटना की जानकारी दिये तो, उन्होंने भी थानाध्यक्ष को फोन किया और कई बार फोन का रिंग हुआ. बावजूद इसके फोन रिसीव नहीं हुआ.तब उन्होंने एसडीपीओ मढ़ौरा को घटना की जानकारी दी और तब जाकर सुबह में पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. उन्होंने अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करने व मुआवजे के रूप में दस-दस लाख रुपये देने की मांग सरकार से की. मौके पर भाजपा के मंडल अध्यक्ष दिलीप कुमार राम, रामाधार सिंह, योगेन्द्र कुशवाहा,गुड्डू सिंह,स्थानीय मुखिया सुशील कुमार सिंह, भगवान प्रसाद गुप्ता, एमएलसी प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह बिक्कु समेत क्षेत्र के सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता व ग्रामीण उपस्थित थे.
सभी ने प्रशासन से शीघ्र अपराधियों को गिरफ्तार करने की मांग किया.
