हाजीपुर : डाॅक्टर पुलिस के विवाद में बीते शुक्रवार की शाम से ठप पड़ी सदर अस्पताल की इमरजेंसी सेवा पांचवें दिन मंगलवार को शुरू हो गयी. इमरजेंसी सेवा शुरू होने से जिले के लोगों ने राहत की सांस ली. इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सा सेवा बहाल होते ही मरीजों का तांता लग गया. सुबह आठ बजे से शाम चार बजे के बीच ही सौ से अधिक मरीजों का उपचार हो चुका था.
इनमें दुर्घटना के शिकार हुए एवं मारपीट की घटना में घायल हुए दर्जनों से अधिक मरीज शामिल थे. कई मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर अवस्था में पीएमसीएच भेज दिया गया.
इन मरीजों में विभिन्न सड़क दुर्घटनाओं में जख्मी हुए सराय थाने के पटेढ़ा निवासी 22 वर्षीय कुंदन कुमार, सदर थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव निवासी रमेश महतो का पांच वर्षीय पुत्र बादल कुमार, नगर थाने के अंदर किला निवासी सुनील कुमार की पत्नी 45 वर्षीया रंजना देवी, गंगाब्रिज थाने के मंगुराही गांव निवासी राजेंद्र ठाकुर आदि शामिल थे. वहीं मारपीट की घटना में जख्मी हुए बिदुपुर थाना क्षेत्र के गोखुला गांव निवासी 65 वर्षीय रामजन्म सिंह एवं उनकी पत्नी कांती देवी, नगर थाना क्षेत्र के हेला बाजार निवासी 22 वर्षीय युवक संतोष कुमार समेत अन्य मरीजों का इलाज हुआ.
आज से शुरू हो जायेगी ओपीडी सेवा : सदर अस्पताल में मंगलवार को इमरजेंसी सेवा तो शुरू हो गयी, लेकिन अस्पताल का ओपीडी बंद होने के कारण सैकड़ों मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी.
मालूम हो कि बीते शुक्रवार की शाम सदर अस्पताल के इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डाॅ अरविंद कुमार के साथ मुख्यालय डीएसपी सियाराम गुप्ता द्वारा किये गये अभद्र व्यवहार को लेकर जिले भर में इमरजेंसी से लेकर ओपीडी सेवा तक का चिकित्सकों ने बहिष्कार कर रखा था. इस मामले में सोमवार की शाम पटना में हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद मुख्यालय डीएसपी का स्थानांतरण कर दिया गया. चिकित्सक संगठनों ने मंगलवार से इमरजेंसी सेवा बहाल करने की घोषणा की. मंगलवार को सिविल सर्जन डाॅ इंद्रदेव रंजन ने अस्पताल के ओपीडी को शुरू कराया. ओपीडी में चिकित्सा सेवा बहाल होते ही सदर अस्पताल के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों की कतार लग गयी. मरीज पुरजा लेकर ओपीडी में विभिन्न विभागों में चिकित्सक कक्ष तक पहुंच गये थे. इस बीच लगभग 80 मरीजों को डाॅक्टर देख चुके थे.
दर्जनों मरीजों को एक्स-रे व जांच की सलाह देकर इसके लिए भेजा जा चुका था. इसी बीच चिकित्सक संगठनों के नेताओं ने ओपीडी में आकर सभी विभागों की सेवा फिर से ठप कर दी. एक घंटे के अंदर ही ओपीडी बंद हो जाने से उन सभी मरीजों की परेशानी और बढ़ गयी, जो इस एक घंटे की अवधि में चिकित्सक के परामर्श पर जांच और एक्स-रे करा रहे थे. भासा द्वारा इस संबंध में जानकारी दी गयी कि सदर अस्पताल की घटना को लेकर 14 फरवरी को राज्य व्यापी चिकित्सक हड़ताल का निर्णय लिया गया था, इसलिए मंगलवार को यहां पर ओपीडी को बंद रखा गया. बुधवार से ओपीडी सेवा भी शुरू हो जायेगी.
आंदोलन स्थगित हुआ है, समाप्त नहीं: भासा : सोमवार की शाम पटना में हुई वार्ता के बाद मंगलवार को चिकित्सकों ने सदर अस्पताल में बैठक की. अस्पताल स्थित डीएस कार्यालय में बैठक की अध्यक्षता भासा के जिला सचिव डाॅ शशि भूषण प्रसाद ने की. हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन, बिहार के प्रधान महासचिव डाॅ ठाकुर मुकेश सिंह चौहान ने बैठक का संचालन किया.
बैठक में डाॅक्टर-पुलिस विवाद को लेकर बीते शुक्रवार की शाम से शुरू की गयी हड़ताल को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए भासा, आइएमए, आइडीए, आइपीए, होमियोपैथिक चिकित्सक संघ एवं स्वास्थ्य कर्मचारी संघ को धन्यवाद दिया गया. बैठक के बाद प्रेस वार्ता करते हुए
चिकित्सक संगठनों के नेताओं ने कहा कि हमारा आंदोलन स्थगित हुआ है, समाप्त नहीं. यदि भविष्य में डाॅक्टरों के साथ इस प्रकार की घटना की
दोहरायी जायेगी, तो पूरे बिहार की इमरजेंसी सेवा को ठप कर दिया
जायेगा. संघ के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मांग की कि वीडियो फुटेज के आधार पर सदर अस्पताल घटना के दोषी डीएसपी के चालक और बॉडीगार्ड के खिलाफ अविलंब कार्रवाई की जाये.
