लालगंज नगर : मकर संक्रांति को लेकर लालगंज में कई जगह पर गया के कारीगरों द्वारा तिलकुट निर्माण किया जा रहा है. जिस कारण न सिर्फ यहां के लोगों को कम कीमत में तिलकुट उपलब्ध हो रहा है, बल्कि यहां के सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिल रहा है. कुछ बनाने के कार्य में लगे हैं, तो कुछ उसे लेकर आसपास से लेकर दूर के बाजारों तक सप्लाई कर रहे हैं. कई लोगों ने दुकानें भी लगायी है. इस समय ठंड में अहले सुबह से ही चूल्हे के पास बैठ कर तिलकुट बनाने में कारीगरों को काफी अच्छा लग रहा है.
कुछ कारीगर गया से आये हैं और यहां के कारीगरों को लेकर बड़े पैमाने पर तिलकुट बना कर रहे हैं. कोई चीनी का चासनी बना रहा है तो कोई तिल भून रहा है तो कोई उसे कूट रहा है. कुछ उसकी पैकिंग में लगे हैं. यहां से बना तिलकुट वैशाली, मदरना, घटारो, मंसूरपुर, दाऊदनगर, पकड़ी, कर्ताहां, जतकौली, जारंग आदि बाजारों के दुकानदार ले जा रहा है. दूरदराज के बाजारों में भी पहुंचाया जा रहा है. कम दाम से लेकर अधिक दाम के तिलकुट बाजार में उपलब्ध है. काजू, बादाम, खोआ देकर भी तिलकुट बनाया जा रहा है. खरमास होने और ठंड के कारण यहां इस समय यहा के कुछ कारीगरों को काम नहीं मिल पाता है.
तिलकुट निर्माण से लोगों को रोजगार मिल रहा है. यहां निर्माण होने से कुछ सस्ता भी पर रहा है. कारीगर रामजी, संजय, श्रवण आदि ने बताया कि वे सब विष्णु पथ गया से आये हैं. यहां के कारीगरों को लेकर कई जगह तिलकुट निर्माण किया जा रहा है.
