महुआ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कालाधन को उजागर करने की उद्देश्य से बीते डेढ़ माह पूर्व की गई नोटबंदी के बाद अब लोगो के बीच दस रुपये के नोटों की संख्या ज्यादा हो जाने के कारण परेशानी बढ़ गई है.उक्त नोटों की मोटी रकम हो जाने से लोग अब इसे रखने के लिये सोच रहे है.
मालूम हो की पीएम मोदी द्वारा 8 नवंबर को घोषणा जारी कर 500 एवं 1000 की पुराने नोटों पर लगायी गई प्रतिबंध के समय कुछ दिनों तक लोगो को चेंज पैसे की अभाव में थोड़ा बहुत परेशानी हुई थी.लेकिन नोटबंदी के डेढ़ माह बीतते ही काफी संख्या में बाजार एवं गांव देहातो में उपलब्ध हुए दस रुपये की नोट एवं सिक्का से लोगो को परेशानी बढ़ गयी है. जिस कारण लोग अब इसे रखने के लिये सोचने पर मजबूर होने लगे है.
आय दिन दस की नोट तथा सिक्का का आलम यह है कि छोटे-छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े-बड़े व्यवसायियों के साथ साथ गांव देहातों में किसी भी काम के लिये लोग जाते है तो उन्हें 20, 50 से ज्यादा दस रुपये का ही नोट या सिक्का थमा दिया जा रहा है. कम पैसा के बावजूद भी मोटी रकम हो जाने से लोगो को परेशानी होने लगी है. वही दस का सिक्का से ज्यादा परेशानी हो रही है.
