आफत. बाढ़ के पानी ने सहदेई बुजुर्ग प्रखंड के दर्जनों चंवरों में प्रवेश किया, पानी कमने के बावजूद परेशानी बरकरार
देसरी : सहदेई बुजुर्ग प्रखंड का गनियारी गांव पहले से ही गंगा नदी के पानी में डूबा हुआ हैं. वहां अभी तीन फुट पानी कम हुआ है, पर लोगों की परेशानी जस-की-तस है. अब भी लोगों के घरों में पानी घुसा हुआ है.
प्रशासन अभी गनियारी गांव के लोगों को ही राहत दिलाने में लगा था कि अब महनार की ओर से नहर में पानी अधिक मात्रा में आ गया. इसके कारण चकफैज पंचायत के चकेयाज गांव के अधिकतर घरों में पानी घुस गया है. इससे लोगों के घरों में रखे सभी सामान खराब हो गये हैं. इस कारण लोग मवेशी को लेकर गांव छोड़ कर जा रहे हैं. लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लोगों को खाने-पीने, रहने एवं कपड़ा पहनने के लिए कुछ भी नही बचा है.
प्रशासन की ओर से लोगों को रहने के लिए मध्य विद्यालय, चकेयाज में राहत शिविर लगाया गया है. वहां रविवार को 810 लोगों को चिउरा- गुड़ स्थानीय पदाधिकारी के द्वारा दिया गया. इसके अलावा कोई सुविधा नहीं उपलब्ध करायी गयी है. मुखिया सुभाष कुमार सिंह ने बताया कि चकफैज पंचायत की 4900 आबादी बाढ़ से पीड़ित है, पर प्रशासन के द्वारा अनदेखी की जा रही है. मात्र 810 लोगों को वह भी सिर्फ चिउरा, गुड़ दिया गया है. बाढ़ का पानी सहदेई बुजुर्ग प्रखंड के दर्जनों चंवरों में प्रवेश कर गया है तथा चंवर भर कर अब गांवों में पानी जाने लगा हैं.
महनार-सहदेई बुजुर्ग सड़क पर कुम्हार कोल में बने पुल के ऊपर से दो फुट पानी बहने लगा है. दूसरी ओर, महनार बाजार स्टेशन रोड में झुरकिया से चकेयाज को आनेवाली पक्की सड़क पर भी दो फुट पानी बह रहा है. इस कारण सड़क पूर्ण रूप से पानी में डूब चुका है. पोहियार बुजुर्ग पंचायत में सरकारी स्कूल के निकट पोखर पर लगा सौ वर्ष पुराना बरगद का पेड़ बाढ़ के पानी के तेज बहाव के कारण जड़ से उखड़ कर पुलिया पर गिर गया. अब स्कूल कैंपस में भी पानी भरने की आशंका हो गयी है. इस कारण विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को भी बाढ़ के पानी से खतरा बढ़ गया है.
किसी भी समय बच्चों के साथ अनहोनी हो सकती है. भाजपा के किसान मोरचा के प्रखंड अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार से विद्यालय खुल रहा है. बच्चे पढ़ने आयेंगे और प्रशासन को सूचना देने के बाद भी देर शाम तक कोई पदाधिकारी देखने तक नहीं आया है. अगर गड्ढे को नहीं भरा गया, तो किसी समय भी हादसा हो सकती है और प्रशासन लापरवाह बना हुआ है.
