पर्व . मसजिदों, खानकाहों, ईदगाहों की आकर्षक सजावट की गयी
बाजारों में लगातार बरसात के बावजूद लोगों की चहल-पहल बनी रही
हाजीपुर : ईद मनाने की पूरी तैयारी कर ली गयी है. गुरुवार सात जुलाई को मुसलिम समुदाय के लोग त्योहार ईद मनायेंगे. मसजिदों, खानकाहो, ईदगाहों की आकर्षक सजावट की गयी है. बाजारों में खरीद बिक्री भी की गयी. गांव कसबों से लेकर शहर के बाजारों में लगातार बरसात के बावजूद लोगों की चहल-पहल बनी रही. लोग देर शाम तक ईद की तैयारी में जुटे रहे. ईद को लेकर बच्चे ज्यादा उत्साहित दिख रहे थे, तो दूसरी ओर रोजेदारों व हर उम्र के लोगों में ईद मनाने की खुशियां दिखाई पड़ी. वर्षा के बावजूद लोगों ने ईद की जम कर तैयारी की, हालांकि दुकानदारों ने पानी के कारण निराशा जतायी.
बाजार में देर शाम तक बनी रही चहल-पहल : ईद के लिए सजी दुकानों में खाने-पीने से लेकर फैशन तक की वस्तुएं उपलब्ध थीं. एक तरफ रेडिमेड कपड़ों का आकर्षण था, तो दूसरी तरफ लच्छे, सेवई, दस्तरखान खजूर व फल और मिठाई लोगों को अपनी ओर खींच रहे थे. एक से बढ़ कर एक इत्र और उसकी खुशबू के आकर्षण में लोग बंधे थे. देर शाम तक बाजारों में चहल-पहल बनी रही, लोग मनपसंद के सामान की खरीदारी में जुटे रहे.
लच्छे खजूर व इत्र की हुई जमकर खरीदारी : बाजारों में लच्छे की काफी मांग थी. इसके कई प्रकार भी उपलब्ध थे. पटना एवं बनारसी लच्छों को लोग अधिक पसंद कर रहे थे. क्वालिटी और स्वाद की भी अनेक किस्में थी, जिसे रोजेदार अधिक पसंद कर रहे थे. इसके अलावा विभिन्न प्रकार के इत्र एवं शृंगारिक प्रसाधनों की भी हुई जम कर खरीद-बिक्री. दुकानदार इदरीश मियां ने बताया कि सामान के दाम में 20 से 30 फीसदी की बढ़त हुई है, लेकिन बिक्री पर इसका कोई असर नहीं है. लच्छे की कम-से-कम 90 रुपये और अधिक 250 रुपये प्रति किलो बिक्री की गयी.
ईद को लेकर बच्चे ज्यादा उत्साहित
क्या रहा बाजार का भाव
लच्छा,पटना 120 रुपये केजी
लच्छा,बनारस 175-190 रुपये
खजूर,इरानी 90-100 रुपये
खजूर,लोकल 70-80 रुपये
केला 25-40 रुपये दर्जन
पपीता 50 रुपये
सेब 160-180 रुपये
अंगूर 300 रुपये
आम 50 रुपये
मिठाईयां 100-600 रुपये
मसजिदों में होगी विशेष नमाज
ईद को लेकर मसजिदों, खानकाहों, ईदगाहों की आकर्षक सजावट और साफ-सफाई की गयी. ईद की विशेष नमाज को लेकर उमड़ने वाली भीड़ की समुचित व्यवस्था की जा रही थी. यहां सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की जायेगी. पत्थर की मसजिद, मखदुमिया जामा मसजिद, गोसिया जामा मसजिद, नुरी मसजिद के अलावा अनवरपुर, थाना चौक, बागमली, मीनापुर दीधी आदि स्थानों पर स्थित मसजिदों में बड़े पैमाने पर तैयारी की गयी है. गोसिया जमा मसजिद कर्णपुरा के मौलाना नोमान रजा अशरफी ने कहा कि त्योहार को प्रेम और सौहार्द से मनाना चाहिए. इनसान को सभी बुराइयों से दूर रहना चाहिए. तभी हम त्योहार का आनंद उठा सकते हैं. इसलाम प्रेम और भाईचारे का ही संदेश देता है.
क्या कहते हैं रोजेदार व बच्चे
रमजान का महीना रहमत और बरकतों का महीना होता है. इनसान को हमेशा प्रेम व सौहार्द के साथ रहना चाहिए. ईद इसी का संदेश देती है. इस दिन अल्लाह की इबादत करूंगा और बुराइयों से दूर रह कर समाज के निर्माण में सहयोग की कोशिश करूंगा.
मो नसीम अहमद, सचिव शहीदे आजम कमेटी
रोजा रखने से बुराइयां दूर होती हैं. बच्चों के साथ ईदगाह जाऊंगा. लोगों से मिल कर ईद की बधाई दूंगा. कोशिश करूंगा कि गरीबों की ज्यादा-से-ज्यादा मदद कर सकूं.
सगीर आलम, रोजेदार
खूब मस्ती करूंगा. दोस्तों व छोटे भाइयों के साथ खेलूंगा. पिता को कहा कि इस ईद में हमें टेबलेट खरीद कर दें. ईदी भी वसूलता हूं. इसी से दोस्तों के साथ आइसक्रीम का आनंद उठाऊंगा.
कलाम, उम्र सात वर्ष
अब्बा के साथ ईदगाह जाऊंगा. अल्लाह की इबादत करूंगा. दोस्तों के साथ खूब खेलूंगा. अम्मी द्वारा बनाई मिठी सेवइयां काफी पसंद हैं. गरीबों की मदद करनी चाहिए.
हुसैन, उम्र 8 वर्ष
