हाजीपुर : बरसात का मौसम शुरू हो चुका है. अगर आप असावधान हैं, तो सावधान हो जायें. बारिश की फुहार आपकी सेहत बिगाड़ सकती है. बरसात में संक्रमण के साथ त्वचा की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता. चिकित्सक बताते हैं इस मौसम में ऐसा संक्रमण होता है, जो आसानी से ठीक नहीं होता है.
शरीर पर क्या पड़ता है प्रभाव : बरसात के मौसम में नमी के कारण त्वचा अति संवेदनशील और शुष्क हो जाती है, जिसके कारण धूल, गंदगी, प्रदूषण आदि का प्रभाव तेजी से पड़ता है. पसीने के कारण शरीर पर धूल की परत जम जाती है. फंगल संक्रमण, वायरल बुखार आदि का खतरा बढ़ जाता है. त्वचा को नुकसान हो सकता है. ऐसे में अगर सावधान न रहा जाये, तो मुश्किल बढ़ सकती है.
बरतें सावधानी : इस मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए, विशेष कर त्वचा की देखभाल जरूरी है. होमियोपेथी चिकित्सक डॉ नलिनी बताते हैं कि त्वचा की देखभाल में कुछ घरेलू उपाय भी कारगर साबित हो सकते हैं. चेहरे को साफ-सुथरा रखें, इसके लिए केमिकल मुक्त चीजों का प्रयोग करें. शहद, गुलाब जल और घरेलू सामग्री से सप्ताह में एक बार मसाज करें. खुजली या अन्य परेशानी होने पर चिकित्सक से संपर्क करें. सन स्क्रीन का उपयोग करें.
चेहरे को साफ पानी से धोयें. पूरा कपड़ा पहने, आठ से 10 गिलास पानी अवश्य पीए. बरसात के पानी में न भींगे. इंफेंक्शन से बचें.
बढ़ा वायरस और बैक्टेरिया का प्रकोप : जिले में वायरल बुखार और बैक्टेरिया का प्रकोप बढ़ रहा है. ब्रोफाइटिस और चिकेन पॉक्स भी हो रहे हैं. चिकित्सकों ने बताया कि तापमान में आद्रता अधिक होने बैक्टेरिया सक्रिय हो जाते हैं. सदर अस्पताल सहित अनेक निजी अस्पतालों में इसके मरीज पहुंच रहे हैं. चिकित्सकों ने इससे बचाव की जानकारी देते हुए बताया कि शौच के बाद हाथ की सफाई ठीक से करें. भोजन के पहले हाथ घो लें. शुद्ध पानी पीए और साफ -सफाई का ध्यान रखें. काफी देर तक काट कर रखे गये फल या सब्जी का प्रयोग न करें. परेशानी होने पर चिकित्सक से जरूर सलाह लें.
क्या कहते हैं चिकित्सक
सावधानी ही बचाव है. इस मौसम में वायरस और बैक्टेरिया का प्रकोप बढ़ जाता है. होमियोपैथी दवा कारगर है. खान -पान ओर रहन-सहन में सावधानी बरतें. घरेलू उपाय भी काफी कारगर होते हैं. सेब, अनार, अंगूर, प्याज, शहद, टमाटर, मक्का आदि का प्रयोग लाभदायक है.
डॉ नलिनी कुमार, होमियोपैथ चिकित्सक
