नगवां : विकास के लिए बाल विवाह की प्रथा को रोकना जरूरी है. यह न केवल कानूनन अपराध है बल्कि इसमें शारीरिक व आर्थिक परेशानी भी बढ़ती है. असमय विवाह और संतान को जन्म देने से जच्चे बच्चे की जान खतरे में पड़ने के साथ आर्थिक तंगी हो जाती है. वर-वधू की पढ़ाई बंद हो जाती है. इससे परिवार का विकास पीछे हो जाता है.
ये बातें हेल्प लाइफ फाउंडेशन मुजफ्फरपुर के क्षेत्र विकास पदाधिकारी शंकर कुमार राय ने पटेढ़ी बेलसर प्रखंड क्षेत्र के मनोरा पंचायत के उफरौल गांव में कहीं. वे समाज से बाल विवाह खत्म करने के लिए जागरूकता शिविर को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम में अधिकारियों ने 18 वर्ष से अधिक उम्र में बेटी की शादी करने के लिए एक नव विवाहिता के गरीब अभिभावक को पांच हजार की नकद राशि देकर प्रोत्साहित किया.
अधिकारियों ने कहा कि 18 वर्ष के बाद बेटी की शादी करने वाले माता-पिता को उनकी संस्था पांच हजार से 25 हजार तक नकद राशि देकर शादी में मदद करेगी. कार्यक्रम में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, भ्रूण हत्या, लिंग परीक्षण आदि विषयों पर वक्ताओं ने चर्चा कर लोगों को महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया. मोहन प्रसाद, हरदेव गिरी, राम बाबू गिरी, मोहन गिरी, महेश गिरी, सुनील कुमार सहित अन्य लोग शामिल थे.
