अनाथ बिरजू की दुर्घटना में मौत से बच्चों पर टूटा पहाड़

महुआ सदर : अपने घर से काम पर जाने के लिए निकले बिरजू को यहां कहां पता था कि वह जहां जाने को निकला है, वहां अब कभी नहीं पहुंच पायेगा. कन्हौली उन्ताहा के पास जैसे ही वह पहुंचा तो सामने से आ रही एक ट्रक ने एक कोच से ओवरटेक करने के चक्कर में […]

महुआ सदर : अपने घर से काम पर जाने के लिए निकले बिरजू को यहां कहां पता था कि वह जहां जाने को निकला है, वहां अब कभी नहीं पहुंच पायेगा. कन्हौली उन्ताहा के पास जैसे ही वह पहुंचा तो सामने से आ रही एक ट्रक ने एक कोच से ओवरटेक करने के चक्कर में बाइक सवार बिरजू के बाइक में जोरदार टक्कर मार दी. इससे वह बाइक से नीचे गिर पड़ा और ट्रक ने उसके दोनों पैरों को बुरी तरह कुचल डाला.

वहीं सिर के बल बाइक से गिड़ने के कारण उसका सिर भी फूट गया. प्रत्यक्षदर्शियों ने भाग कर उसे ट्रक के नीचे से खींच कर बाहर निकाला और उसे एक ऑटो पर लाद कर महुआ अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया. जहां से उसकी प्राथमिक चिकित्सा के उपरांत गंभीरावस्था में पीएमसीएच भेजा गया. वहां हाजीपुर पहुंचते ही 30 वर्षीय बिरजू कुमार सिंह ने अपने जीवन के अंतिम सांसे लीं. मृतक 30 वर्षीय बिरजू कुमार सिंह अपने घर का इकलौता चिराग था,

जो अपनी मां और पिता के गुजर जाने के बाद कन्हौली सैदपुर स्थित अपने नॉनिहाल में बड़े मामा नागेश्वर सिंह के यहां रहता था. बड़े मामा श्री सिंह बड़े सहृदय थे, जो अपने छोटी बहन की एकमात्र निशानी बिरजू को थोड़ा-बहुत पढ़ा लिखाकर इस लायक बना दिया था, जो बड़ा होकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सके.

उन्होंने अनाथ बिरजू को रहने के लिए एक कमरा भी बनवा दिया था. जहां वह अपनी पत्नी गुड्डी देवी और दो पुत्र क्रमश: तीन वर्षीय आर्यन और डेढ़ वर्षीय रौशन के साथ मजदूरी कर अपने व परिवार का किसी तरह भरण-पोषण कर रहा था. गत दिन बुधवार को दोपहर उसके लिए काल बन कर आया और उस युवक को लेकर चला गया.

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