हाजीपुर : सिर पर लटके ये विद्युत प्रवाहित जर्जर तार हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं, लेकिन इससे बेखबर विभाग लोगों को अनाप-शनाप बिल भेजने में व्यस्त है. यदि सतर्कता नहीं बरती गयी, तो ये जर्जर तार कभी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं.
क्या है समस्या : उपभोक्ताओं को कनेक्शन देने के लिए बिजली विभाग संबंधित पोल से जंफर लगा कर संयोजन करता है. लेकिन यह सिद्धांत मात्र है. वास्तविकता यह है कि लोग विभाग को पूरा शुल्क अदा करने के बाद भी इसका संयोजन ठीक से हो इसके लिए विभागीय मिस्त्री जिम्मेवार है. शहर के प्रमुख चौक राजेंद्र चौक और गांधी चौक के बिजली के खंभों की स्थिति बता रही है कि ये तार कभी गिर कर बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है.
जर्जर तार से हो रही विद्युत की आपूर्ति
जिले में कई जगहों पर विद्युत प्रवाहित जर्जर तार काफी नीचे तक लटकते दिखायी पड़ते हैं. ये जर्जर तार कभी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं. वहीं, कई जगहों पर पोलों की स्थिति यह बताने के लिए काफी है कि किसी समय ये गिर सकते हैं. नि:संदेह एेसे में विद्युत विभाग को इससे सजग होने की जरूरत है.
मुआवजे की व्यवस्था
पीड़ित व्यक्ति या उनके परिजन मुआवजे के लिए अनुमंडल पदाधिकारी के न्यायालय में वाद दाखिल करते हैं, जिसकी सुनवाई के बाद मृत्यु की स्थिति में अधिकतम चार लाख रुपये और संपत्ति के नुकसान की स्थिति में नुकसान का आकलन कर मुआवजे की राशि दी जाती है.
कुमार विकास, वरीय अधिवक्ता
क्यों हो रही लापरवाही
जर्जर तारों को बदलने की कार्रवाई की जा रही है. जंफर के निकट जो तारों का जाल लगा है, उसे ठीक करने की कार्रवाई हो रही है. शीघ्र ही सारे जंफर की स्थिति सुरक्षित हो जायेगी.
अरुण कुमार, सहायक अभियंता
