चापाकल सूखने से परेशान हैं लोग

आम हो रही चापाकलों से पानी नहीं निकलने की शिकायत पेयजल के लिए हाहाकार की आशंका हाजीपुर : भू-गर्भ जल स्तर के घट जाने से चापाकलों के पानी न देने की शिकायत आम होती जा रही है. जिस गति से चापाकल पानी देना बंद कर रहे हैं, बहुत जल्द जिले में पेयजल के लिए हाहाकार […]

आम हो रही चापाकलों से पानी नहीं निकलने की शिकायत
पेयजल के लिए हाहाकार की आशंका
हाजीपुर : भू-गर्भ जल स्तर के घट जाने से चापाकलों के पानी न देने की शिकायत आम होती जा रही है. जिस गति से चापाकल पानी देना बंद कर रहे हैं, बहुत जल्द जिले में पेयजल के लिए हाहाकार मचने की आशंका है. बेजुवान गरमी व पानी के भीषण अकाल सभी जीवों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. सदर थाना क्षेत्र के सेंदुआरी गांव स्थित वार्ड नम्बर-8 के बाग टोला में भी पानी के भीषण किल्लत से ग्रामीणों की परेशानी काफी बढ़ गयी है.
भीषण गरमी के कारण एवं पानी के जल स्तर अधिक नीचे चले जाने के कारण गांव में लगभग पानी का स्रोत कम होता जा रहा है. पहले तो पोखर एवं कुएं से ही पानी गायब हो गया. उसके बाद अब चापाकलों ने भी धीरे-धीरे छोड़ते-छोड़ते पूर्णत: छोड़ दिया. इससे लोग काफी परेशान हैं. वहीं, जहां अभी थोड़ा-थोड़ा चापाकल से पानी दे भी रहा है, वहां आस-पड़ोस में अगर कोई किसान खेत में पानी पटाने के लिए बोरिंग चला दे, तो उस क्षेत्र के अधिकतर चापाकल पानी छोड़ देते हैं. इसको लेकर अगर कोई किसान अपनी खेत में पानी पटाने के कोशिश करता है, तो उस क्षेत्र में हाहाकार मचने लगता है. सभी पड़ोसी लोग बोरिंग नहीं चलाने की सलाह देने पहुंचा जाते हैं. इस कारण किसानों की परेशानी भी बढ़ी हुई है.
बाग टोले के लोग पानी के लिए तरह-तरह के नुस्खे अपना रहे हैं, लेकिन सब बेकार साबित हो रहा है. क्षेत्र के कुछ लोग पानी के लिए चापाकलों को भी जमीन के अंदर ले जाने का काम किया, लेकिन तब भी चापाकल पानी नहीं दे सका. इसके बाद अब ग्रामीण धीरे-धीरे सरकार पर आश्रित हो रहे हैं. सेंदुआरी पंचायत के बाग टोला निवासी राजकुमार सिंह, ज्वाला कुमार, रामाकांत सिंह, रंजीत सिंह, प्रेम भारती, रवीश कुमार, राजीव सिंह, हरिमोहन सिंह, रीतेश कुमार आदि लोगों का कहना हैं कि अब इसकी शिकायत संबंधित विभाग से हमलोगों ने की है. अब सरकार ही हमलोगों के लिए कोई उपाय सोच सकती है.
अगर सरकार हमलोगों को पानी की कोई प्रबंध नहीं करती है, तो हमलोग प्यासे मरने को मजबूर हो जायेंगे. साथ ही बाग टोले के किसानों का भी कहना है कि पानी की किल्लत के कारण हमलोगों की फसल खेतों में धूप से जल रही है. लेकिन क्या करूं, मजबूर हूं. अगर सरकार को भी परेशान करते हैं तो क्या सरकार भगवान थोड़े ही है कि पानी दे देगी. यही हो सकता है कि जहां तक होगा सरकार लोगों को सहयोग करेगी. इसी सब बात को सोच हमलोग शांत बैठे हैं.

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