हाजीपुर : होमियोपैथ में लू का कारगर इलाज है. बड़ी युसुफपुर में होमियोपैथ चिकित्सकों की सन स्ट्रोक पर हुई वैचारिक गोष्ठी में चिकित्सकों ने ये बातें कहीं. चिकित्सकों ने कहा कि लू का प्रभाव अक्सर गरमी के दिनों में होता है. तापमान 42 डिग्री तक होना साथ ही पछुआ हवा स्वास्थ्य लिए हानिकारक हो गया है.
ऐसे समय में संयमित रहना आवश्यक है. इसके प्रभाव से जल स्रोत सूख गये हैं, जिसका प्रभाव जनजीवन के अलावा पेड़-पौधों पर पड़ रहा है. चिकित्सकों ने सन स्ट्रोक्स लगने के कारणों पर चर्चा करते हुए कहा कि इसका मुख्य कारण शरीर में भोजन एवं पानी की कमी, धूप से आने के बाद शरीर को ठंडा किये बगैर ठंडा पानी पीना आदि है. उन्होंने बचाव की चर्चा करते हुए बताया कि कड़ी धूप से बचें. भूखे नहीं रहें एवं भरपूर पानी पीकर ही बाहर निकलें. लू लगने पर कच्चा आम को पका कर शरीर में लगाएं.
