बरसो जम के ए बारिश क्यूं इतना कम बरसती है...

हाजीपुर : चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर शहर की साहित्यिक संस्था किरण मंडल पुराना ने मधु पर्व का आयोजन किया. स्थानीय पेंशनर भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष डॉ दामोदर प्रसाद सिंह ने की. वरिष्ठ कवि रामचंद्र सिंह त्यागी ने मधु पर्व की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला. उन्होंने अपनी रचना ‘अभिनव गीता’ […]

हाजीपुर : चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर शहर की साहित्यिक संस्था किरण मंडल पुराना ने मधु पर्व का आयोजन किया. स्थानीय पेंशनर भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष डॉ दामोदर प्रसाद सिंह ने की. वरिष्ठ कवि रामचंद्र सिंह त्यागी ने मधु पर्व की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला.

उन्होंने अपनी रचना ‘अभिनव गीता’ के पाठ से कवि गोष्ठी की शुरुआत की. कवि गोष्ठी में बसंत से लेकर बरसात तक की रचनाएं सुना कर कवियों ने श्रोताओं की वाहवाही बटोरी. कवि नागेंद्र मणि के गीत ‘बगिया में घूमे, दु गो सखी रे’ कवि राणा प्रताप सिंह उर्फ बच्चा बाबू की हास्य कविता ‘आजादी मिली रात को बारह बजे’, आशुतोष कुमार सिंह की कविता ‘बरसो, बरसो, हे धन बरसो’, प्रो. एनएन सरस्वती के गीत ‘बरसो जम के ये बारिश, क्यूं इतना कम बरसती है, प्यासी है

बहुत धरती, पानी को तरसती है’ पर श्रोताओं की दाद मिली. गोष्ठी में वशिष्ठ नारायण सिंह, बज्जिका कवि हरिविलास राय, सत्येंद्र कुमार विद्यार्थी, धर्मवीर शर्मा, कमला रानी, उषा कुमारी, रीता कुमारी, मेदिनी कुमार मेनन, आनंद प्रकाश, केएन ठाकुर आदि कवियों ने काव्य पाठ किया. अंत में संस्था के इ द्रव्येश्वर प्रसाद सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया.

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