छपरा कोर्ट परिसर में विस्फोट का दिखा असर
कोर्ट के प्रवेशद्वार पर नियुक्त किये गये दो पुलिसकर्मी
हाजीपुर : सोमवार को छपरा व्यवहार न्यायालय परिसर में हुए बम विस्फोट की घटना और पटना हाइकोर्ट की फटकार के बाद मंगलवार को पुलिस प्रशासन न्यायालय परिसर की सुरक्षा को लेकर चौकस दिखा. न्यायालय के प्रवेश द्वार पर दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी थी.
बदले नजारे से लोगों में हर्ष : मंगलवार की सुबह जैसे ही लोग न्यायालय परिसर पहुंचे, न्यायालय में पुलिस की चौकसी देख आश्चर्यचकित हो गये. इसे लेकर लोगों हर्ष भी देखा गया. आम दिनों में लावारिस पड़ा रहने वाला प्रवेश द्वार बंद था और दो पुलिसकर्मी डंडा लिये वहां तैनात थे.
इसके साथ ही दो पुलिसकर्मी मेटल डिटेक्टर लिये हुए थे. सुबह से न्यायालय अवधि तक दोनों पुलिसकर्मी गेट पर तैनात रहे और अनधिकृत प्रवेश पर अंकुश लगाते रहे. वहीं, बैग लेकर आनेवालों के बैगों की तलाशी भी ली जा रही थी.
परिसर में रही कम भीड़ : प्रवेश द्वार पर हल्की प्रशासनिक चौकसी का असर परिसर के अंदर दिखा और परिसर में गाड़ियों की संख्या काफी कम थी. हालांकि कुछ अधिवक्ताओं के कारण पुलिस को इसमें आंशिक सफलता ही मिली और कई अनधिकृत बाइकों को अधिवक्ताओं ने अपना बताते हुए प्रवेश करा दिया. परिसर में अनधिकृत वाहनों की भीड़ का परिणाम होता है कि किसी आपात स्थिति में आदमी दौड़ कर इधर-उधर भाग भी नहीं सकता और इसी का लाभ अपराधी उठा लेते हैं.
सख्ती बढ़ाने की है आवश्यकता : न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और ठोस एवं सख्त बनाया जाना चाहिए.
वरीय अधिवक्ता एवं प्रगतिशील अधिवक्ता मंच के प्रदेश सचिव कुमार विकास ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि वह प्रवेश द्वार, कैदी हाजत एवं न्यायालय परिसर में
सीसीटीवी कैमरे लगाये जाएं ताकि बाहर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके. आने-जाने वालों की छानबीन और जांच-पड़ताल निरंतर की जाये ताकि परिसर में अवांछित जमावड़ा पर लगाम कस सके.
