अनदेखी की भेंट चढ़ रहीं गांव की कई बदहाल सड़कें !

सरकार और सड़क दोनों ही चलने के लिए बनती हैं. सरकार तो चल रही है, लेकिन कई ग्रामीण सड़कें चलने लायक भी नहीं रह गयी हैं. सरकार के मंत्री तेजस्वी यादव वैशाली जिले के ही राघोपुर से प्रतिनिधि हैं. हम उन्हें यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि गांव की इन बदहाल सड़कों पर […]

सरकार और सड़क दोनों ही चलने के लिए बनती हैं. सरकार तो चल रही है, लेकिन कई ग्रामीण सड़कें चलने लायक भी नहीं रह गयी हैं. सरकार के मंत्री तेजस्वी यादव वैशाली जिले के ही राघोपुर से प्रतिनिधि हैं. हम उन्हें यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि गांव की इन बदहाल सड़कों पर भी नजरे इनायत करें, तो शायद इनका भी कायाकल्प हो जाये.
हाजीपुर : वैशाली जिले की बदहाल सड़कें लाखों लोगों को रुला रही हैं. हाजीपुर से लेकर पातेपुर तक कोई ऐसा प्रखंड नहीं, जहां की सड़कें बदहसल न हों. जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और मुख्यमंत्री सड़क योजना का हाल यह है कि कई सालों से कई सड़कों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है.
विभागीय लापरवाही और कार्य एजेंसियों की मनमानी का खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है. सड़कों की दशा है कि कहीं सड़क में दो-दो फुट गड्ढे तो कहीं गड्ढों में ही सड़क दिखायी पड़ती हैं. ये जर्जर सड़क हर रोज दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं.
अधर में पड़ी सड़क निर्माण की योजनाएं : सदर प्रखंड में सेन्दुआरी,फतेहाबाद से धोबधट्टी तक सड़क निर्माण का कार्य स्वीकृति के बावजूद शुरू नहीं हो सका हैं. एनएच 77 से धोसवर बलवा कोआरी सड़क का कार्य अधूरा पड़ा है. एनएच 77 स्थित इमादपुर चौक से नवोदय विद्यालय, वफापुर शर्मा होते हुए लालगंज तक जाने वाली सड़क वर्षों से बदहाल है.
जंदाहा प्रखंड में लक्षमणपुर बरबट्टा से चौसीमा पथ का निर्माग मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजता के तहत कराया जाना है. यह सड़क कब बननी शुरू होगी,कहना मुश्किल है. इसी प्रखंड में बखरी बराही से लक्षमणपुर हाट पथ का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग के हाजीपुर प्रखंड द्वारा कराया जा रहा है, जो अभी तक पूरा नहीं हो सका. इसी तरह जिले में कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण कार्य की समय सीमा बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी हैं.
आरडब्ल्यूडी की लापरवाही से छह साल में भी नहीं बनी सड़क : जिले के पातेपुर प्रखंड में नौवाचक से खजमौर पथ का निर्माण कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कराया जा रहा है.
यह वर्ष 2009-10 की योजना है. छह साल बीतने के बाद भी 7.36 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पूरा नहीं हुआ. आरडब्ल्यूडी के कार्यपालक अभियंता का कहना है कि कार्य को पूरा करने के लिए संवेदक को कई बार लिखित चेतावनी भी दी गयी. इसके बावजूद कार्य पूरा नहीं किया जा रहा. महुआ प्रखंड में मंगरू चौक से शंभोपुर कोआरी पथ का भी यही हाल है. पीएपजीएसवाइ के तहत 2008-9 में ही यह योजता स्वीकृत हुई. आरडब्ल्यूडी के हाजीपुर प्रमंडल द्वारा इसका निर्माण कराया गया.खुद विभाग के महुआ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ही बताते हैं कि यह सड़क बनने के कुछ ही दिनों बाद ध्वस्त हो गयी,जिससे आमजनों को काफी कठिनाई हो रही है.
सड़क के निर्माण में हुई अनियमिता, जांच में मिली गड़बड़ी : जिले में सड़कों के निर्माण कार्य में अनियमितता की आम शिकायत है.
पीएपजीएसवाइ तथा एमएमजीएसवाइ के तहत बनायी जाने वाली अधिकतर सड़कों में प्राक्कलन के अनुसार काम नहीं कराये जाने की जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर जिला प्रशासन द्वारा कई सड़कों के निर्माण कार्य की जांच करायी गयी. जांच में भी इन सड़कों की स्थिति बदतर पायी गयी.
इन सड़कों के निर्माण में मिली गड़बड़ी
अब्दुल्ला चौक से गंगा चक पथ
2014 में गैर योजना मद से हुआ जीर्णोद्धार कार्य.
प्राक्कलित राशि-एक करोड़ 54 लाख 52 हजार 848 रुपये.
सड़क की लंबाई -6.24 किलोमीटर.
कार्य संपन्न हुआ -30 मार्च 2014.
सड़क की स्थिति – सड़क में जहां-तहां प्रीमिक्स कारपेटिंग उखड़े हुए पाये गये.
पीरापुर से चपरहरा पथ
2014 में गैरयोजना मद से हुआ कार्य.
एकरारनामे की राशि-69 लाख 66 हजार 886 रुपये.
सड़क की लंबाई – 1.97 किलोमीटर.
सड़क की स्थिति – पथ में प्रीमिक्स कारपेटिंग उखड़े पाये गये.
महनार चौक दुर्गा स्थान से हरपुर बतरा पथ
2013-14 में हुआ जीर्णीद्धार कार्य.
एकरारनामे की राशि-54 लाख 78 हजार 919 रुपये
सड़क की लंबाई -2.4 किलोमीटर.
सड़क की स्थिति-कई जगहों पर पथ क्षतिग्रस्त.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >