डीएम को सौंपा ज्ञापन
हाजीपुर : राज्य में गिरती कानून व्यवस्था के खिलाफ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गंठबंधन की जिला इकाई ने जिला मुख्यालय में आक्रोश मार्च निकाला. मार्च के बाद राज्यपाल को प्रेषित सात सूत्री मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सुपुर्द किया गया. एनडीए नेताओं ने भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा और लोजपा नेता बृजनाथी सिंह की हत्या को राजनीतिक हत्या करार दिया. कहा कि सूबे में सतारूढ़ महागंठबंधन के खिलाफ राजनीति करने वालों को चुन-चुन कर मारने का सिलसिला शुरू हो गया है. राजग संगठित अपराध के खिलाफ आंदोलन को और तेज करेगा.
सीबीआइ से हो हत्याकांडों की जांच : राजग द्वारा सौंपे गये ज्ञापन में दोनों हत्याकांड की सीबीआइ से जांच कराने की मांग की गयी. साथ ही भाजपा नेता विशेश्वर ओझा, केदार सिंह एवं लोजपा नेता बृजनाथी सिंह के परिजनों को सुरक्षा देने, गैर जिम्मेदाराना बयान के लिए एडीजीपी, मुख्यालय सुनील कुमार को बरखास्त करने, लालगंज पुलिस गोलीकांड में निर्दोषों को फंसाये जाने पर रोक लगाने, राजद विधायक राजबल्लभ यादव की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, पत्रकारों को धमकाने वाले आइजी कुंदन कृष्णन पर कार्रवाई करने आदि की मांग की गयी.
आक्रोश मार्च में ये हुए शामिल: भाजपा जिलाध्यक्ष संजय कुमार, विधायक अवधेश सिंह, विद्यायक राज कुमार साह, पूर्व विधायक सतीश कुमार, डाॅ अच्युतानंद, लोजपा नेता एवं पूर्व जिला पार्षद अवधेश कुमार सिंह, हम के जिलाध्यक्ष प्रो संजय कुमार सिंह, रालोसपा के जिला संयोजक कमल प्रसाद सिंह, भाजयुमो के प्रदेश मंत्री दिलीप कुमार सिंह, लोजपा की अंजनी सिन्हा, चंद्रभूषण तिवारी, अभय कुमार डब्ल्यू, लोजपा के देसरी अध्यक्ष बलींद्र सिंह, कुमार सौरभ आदि.
