हाजीपुर : इस वर्ष की शुरुआत में ही आठ जनवरी को वैशाली थाने में पदस्थापित एएसआइ अशोक कुमार यादव की हत्या कर शव को सदर थाना क्षेत्र के मनुआ चौर में ठिकाना लगाने के बाद अपराधियों ने उनके सर्विस रिवाॅल्वर को भी लापता कर दिया था. घटना के एक माह के बाद भी वैशाली पुलिस न तो उनके हत्यारों का सुराग पा सकी है और न उनके सर्विस रिवाल्वर का पता लगा सकी. हत्याकांड के उद्भेदन के लिए आइजी की मॉनीटरिंग और एसपी के निर्देशन पर बनी टीम के हाथ अब तक खाली हैं.
पुलिस की सक्रियता पर उठ रहे सवाल : हत्या के एक माह बाद भी हत्यारों के गिरेबान तक पुलिस के न पहुंचने से आम लोगों में पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठने लगे हैं. जिले के तथाकथित तेज-तर्रार पुलिस पदाधिकारियों की टीम यदि घटना के एक माह बाद भी अपने सहकर्मी के हत्यारों को दबोचने में विफल है, तब आम लोगों की क्या विसात है.
एसडीपीओ के गार्ड की पिस्टल बरामद : सदर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर के रामाशीष चौक से दो अपराधियों को पुलिस से लूटी गयी पिस्टल एवं 25 कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है. पकड़े गये अपराधी सोनपुर थाना क्षेत्र के बरबट्टा गांव निवासी राजीव कुमार और अशोक महतो बताये गये हैं. दोनों अपराधियों ने स्वीकार किया कि सोनपुर मेले के दौरान एसडीपीओ के गार्ड से लूटी गयी थी पिस्टल. दोनों वहां अपराध की योजना बना रहे थे.
अररिया डीएम की गाड़ी लूटनेवाला पुलिस के हत्थे चढा : पिछले दिनों राष्ट्रीय राजमार्ग 77 पर सदर थाना क्षेत्र के एकारा गुमटी के निकट अररिया के डीएम की लग्जरी कार लूटने के आरोपित अन्नु राम गंगा ब्रिज पुलिस के हत्थे चढ़ गया. लग्जरी कार तब लूटी गयी थी, जब अररिया के डीएम का चालक उनके परिवार के सदस्यों को पटना छोड़ कर लौट रहा था.
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे तब दबोचा, जब वह उस रास्ते से गुजर रहा था. एनएच 77 एवं 103 पर होनेवाली वाहन लूट की अधिकतर घटनाओं में उसकी संलिप्तता रही है. वह देसरी थाना क्षेत्र के चांदपुरा ओपी अंतर्गत आजमपुर गांव का रहनेवाला है. वैशाली पुलिस के अलावा उसे समस्तीपुर, मोतिहारी, बेतिया, छपरा और मुजफ्फरपुर की पुलिस लंबे समय से खोज रही थी.
