कर्मचारी विरोधी अनुशंसा के खिलाफ आंदोलन करेंगे राज्यकर्मी : मंजुल

बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का आठवां जिला सम्मेलन हाजीपुर : केंद्रीय सातवें वेतन आयोग की कर्मचारी विरोधी अनुशंसाओं के विरुद्ध देश भर के राज्यकर्मी आंदोलन करेंगे. अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के सहायक महामंत्री मंजुल कुमार दास ने कहा कि देश भर के राज्यकर्मी आठ से 19 फरवरी तक दिल्ली में धरना सत्याग्रह […]

बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का आठवां जिला सम्मेलन

हाजीपुर : केंद्रीय सातवें वेतन आयोग की कर्मचारी विरोधी अनुशंसाओं के विरुद्ध देश भर के राज्यकर्मी आंदोलन करेंगे. अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के सहायक महामंत्री मंजुल कुमार दास ने कहा कि देश भर के राज्यकर्मी आठ से 19 फरवरी तक दिल्ली में धरना सत्याग्रह करेंगे. श्री दास स्थानीय अक्षयवट राय स्टेडियम में आयोजित बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के आठवें जिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.
महेंद्र पासवान, उमेश झा एवं महेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता और शंकर कुमार गुप्ता के संचालन में संपन्न सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने विस्तार से देश और राज्य की राजनीतिक स्थिति की चर्चा करते हुए कर्मचारियों से संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया और कहा कि राज्य के साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षकों को लंबे संघर्ष के बाद वेतनमान मिल गया है और संविदा एवं ठेका पर बहाल अन्य कर्मियों की सेवा नियमित करने की मांग को लेकर महासंघ आंदोलन करेगा.
उदारीकरण का दिखा असर : महासंघ के सम्मेलन पर उदारीकरण का असर दिखा और सम्मेलन के लाम-काफ से यह कहीं से भी कर्मचारी संगठन का सम्मेलन नहीं दिखा. वैशाली जिले के इतिहास में पहली बार कर्मचारी संगठन ने हाथी, घोड़ा और बैंड बाजे के साथ जुलूस निकाला, जो उनके अंदर आयी समृद्धि को दरसा रहा था.
आंतरिक कलह सतह पर : संगठन के अंदर व्याप्त अंर्तकलह तब सतह पर आ गयी, जब सम्मेलन में निवर्तमान सचिव, कार्यकारी सचिव, अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और कई पदाधिकारी नदारद रहे.
सेवा और संगठन में रहते हुए ये नेता सम्मेलन से अलग-थलग रहे, जो सम्मेलन स्थल पर एवं आम कर्मचारियों में चर्चा का विषय बना रहा. वहीं कई कर्मचारी नेता सम्मेलन स्थल के आसपास रहे और अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए सम्मेलन का बहिष्कार किया.
संगठन में टूट के बढ़े आसार : संगठन में नये सत्र के लिए पदाधिकारियों के चुनाव के बाद कर्मचारियों में यह चर्चा आम हो गयी कि बहुत जल्द असंतुष्ट कर्मचारी संगठन से अलग होने का निर्णय करेंगे और नये संगठन का निर्माण करेंगे. कई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सम्मेलन के नाम पर खानापूरी की गयी. नियमानुसार न तो विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि को बुलाया गया और न चुनाव ही हुआ. वहीं कुछ ऐसे लोगों को भी पदाधिकारी चुना गया जो पदाधिकारी रहते हुए सम्मेलन में नहीं आये, इनमें निर्वाचित अध्यक्ष बीरेंद्र कुमार का नाम सबसे ऊपर है.
चुने गये नये सत्र के पदाधिकारी : शंकर कुमार गुप्ता-सम्मानित अध्यक्ष, महेंद्र प्रसाद-मुख्य संरक्षक, महेंद्र पासवान- मानद सदस्य, वीरेंद्र कुमार-अध्यक्ष, मनीष कुमार, सुनील कुमार सिंह, नरेश
पासवान, शैलेंद्र कुमार सिंह, ओम प्रकाश सिंह, जयनाथ महतो, विश्वनाथ
सिंह, शंभुनाथ साह, धर्मेंद्र कुमार सिंह, संजीव कुमार, अखिलेश कुमार,
उमेश झा एवं जितेंद्र प्रभाकर-उपाध्यक्ष, जिला मंत्री-दिलीप कुमार साह, महेश्वर राय और राजेश रंजन- सहायक जिला मंत्री, विनय कुमार श्रीवास्तव, सुधीर कुमार पोद्दार, सुनील कुमार, विनोद कुमार, शिवजी राय, नरेंद्र कुमार सिन्हा, महमूद आलम, उज्जवल कुमार, ओम प्रकाश पटेल-संयुक्त मंत्री, विधानचंद्र राय-कोषाध्यक्ष, गुड्डू कुमार, अमरेश्वर प्रसाद सिंह एवं बैद्यनाथ पटेल- कार्यालय मंत्री. इसके साथ ही 15 सदस्यीय संघर्ष परिषद का गठन किया गया. दिलीप कुमार शर्मा और राकेश कुमार को क्रमश: हाजीपुर एवं महनार अनुमंडल का संयोजक मनोनीत किया गया.
सम्मेलन को इन्होंने किया संबोधित : सम्मेलन को बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री शिवचंद्र राम के अलावा महासंघ के महामंत्री राज किशोर राय, अध्यक्ष शशिकांत राय, सहायक महामंत्री गणपत झा, विश्वनाथ सिंह, लक्ष्मीकांत झा आदि ने संबोधित किया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >