बागमली उपद्रव मामले में दो गिरफ्तार

हाजीपुर : गणतंत्र दिवस के दिन शहर के बागमली मुहल्ले में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मारपीट और आगजनी की घटना को अंजाम देने के आरोप में नगर पुलिस ने शुक्रवार को दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. शुक्रवार को जिन दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, उनमें हथसारगंज मुहल्ला […]

हाजीपुर : गणतंत्र दिवस के दिन शहर के बागमली मुहल्ले में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मारपीट और आगजनी की घटना को अंजाम देने के आरोप में नगर पुलिस ने शुक्रवार को दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. शुक्रवार को जिन दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, उनमें हथसारगंज मुहल्ला निवासी शंकर साह के पुत्र संजय कुमार और अंजानपीर चौक निवासी हरि लाल रजक के पुत्र रंजन कुमार शामिल हैं. इन दोनों का नाम प्राथमिकी अभियुक्त में शामिल नहीं है.
उपद्रवियों को चिह्नित करने में व्यस्त रही पुलिस : घटना के वीडियो को खंगाल कर नगर पुलिस उपद्रव के दोषियों को चिह्नित करने में दिन भर व्यस्त रही. इसके साथ ही पुलिस इस तथ्य पर भी काम कर रही है कि यदि उपद्रवी मुहल्ले से बाहर के थे, तो उन्हें किसने और कहां से बुलाया था और क्या कह कर बुलाया गया था. क्या वे पेड वर्कर थे या केवल धार्मिक भावना को उजागर कर उन्हें लाया गया था.
इस बिंदु पर जांच के बाद पुलिस उनलोगों पर दबिश बनायेगी, जो घटना को अंजाम देने के दोषी हैं. प्रथम दिन जब पुलिस अतिक्रमण हटाने गयी थी, तब उपद्रवियों के विरोध के बाद दो हजार अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने अपने कर्तव्य से इतिश्री कर ली थी, जबकि उपद्रवियों का नेतृत्व नगर पार्षद निराला कर रहे थे. इस दौरान कई लोगों ने अपने बयान जारी कर अतिक्रमण हटाने का विरोध किया था, लेकिन नगर पुलिस ने उनमें से किसी को मामले में नामजद नहीं किया था. उस मामले में नगर पुलिस ने अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है. इसी तरह गणतंत्र दिवस के दिन की घटना में छह नामजद और पांच हजार अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया. इस तरह इस मामले में सात हजार अज्ञात और छह नामजद प्राथमिकी अभियुक्त बनाये जाने के बाद भी पुलिस के हत्थे केवल तीन आरोपित चढ़े हैं, जो पुलिसिया कार्रवाई की गंभीरता को दरसाता है.
डाॅ शंकर झा पर उठी मामला दर्ज करने की मांग : उपद्रवियों का नेतृत्व करने वाले नगर पार्षद सुभाष कुमार निराला को संरक्षण देने और पुलिसिया कार्रवाई की पूर्व सूचना वार्ड पार्षद को देने के आरोप में नगर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष डाॅ शंकर झा पर मामला दर्ज करने की मांग की गयी है. माकपा के जिला सचिव राजेंद्र पटेल ने कहा कि इस मामले में डाॅ झा की भूमिका संदेहास्पद रही है और उन्होंने बिहार सेवा संहिता का उल्लंघन किया है.
वार्ड पार्षद की पत्नी ने दर्ज कराया परिवाद : उपद्रवियों को भड़काने और नेतृत्व करने के आरोप में नगर पुलिस द्वारा जेल भेजे गये नगर पार्षद की पत्नी ने न्यायालय में एक परिवाद दायर कर पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों पर दुर्व्यवहार एवं चोरी का आरोप लगाते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में परिवाद पत्र दाखिल किया है. इस मामले में पार्षद से साठ-गांठ रखने के आरोपित नगर थानाध्यक्ष पर भी परिवाद में आरोप लगाया गया है.
क्या है घटना
शहर के बागमली मुहल्ले में सड़क को अतिक्रमित कर बनाये गये एक मंदिर को रास्ते से हटाने का आदेश उच्च न्यायालय ने दिया था और लगभग दो सप्ताह पूर्व जब प्रशासन मंदिर हटाने पहुंचा था, तब नगर पार्षद सुभाष कुमार निराला के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन कर लोगों ने पुलिस को लौटने को विवश कर दिया था.
एक बार फिर न्यायालय से फटकार मिलने के बाद गणतंत्र दिवस के दिन पुलिस प्रशासन ने मंदिर को हटा कर अतिक्रमणमुक्त करने का प्रयास किया था. इस दौरान भूमि माफिया द्वारा आयातित उपद्रवियों ने न केवल पुलिस-प्रशासन के साथ मारपीट और पथराव की घटना को अंजाम दिया, बल्कि कई सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया था.

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