बिदुपुर : पिता के जज्बे को देख बेटा भी फौज में भर्ती

कारगिल युद्ध में अपने अदम्य साहस व बहादुरी से दुश्मनों के छक्के छुड़ा देने वाले शहीद लांस नायक राम बच्चन राय की शहादत पर पूरा इलाका गर्व करता है. जब कभी उनकी वीरता और शहादत की चर्चा होती है तो मातृभूमि की रक्षा करते हुए दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाले वीर सपूत की शहादत पर […]

कारगिल युद्ध में अपने अदम्य साहस व बहादुरी से दुश्मनों के छक्के छुड़ा देने वाले शहीद लांस नायक राम बच्चन राय की शहादत पर पूरा इलाका गर्व करता है. जब कभी उनकी वीरता और शहादत की चर्चा होती है तो मातृभूमि की रक्षा करते हुए दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाले वीर सपूत की शहादत पर गर्व से उनकी छाती चौड़ी हो जाती है.
शहीद के परिवार में देश के प्रति गजब का जज्बा है. मातृभूमि से प्यार व उसकी सेवा के प्रति पिता के जज्बे से प्रेरित होकर शहीद स्व राय के तीसरे पुत्र धनंजय कुमार ने भी 2010 में पिता की कोर आर्टिलरी 225 मीडियम रेजिमेंट को ज्वाइन किया और आज वह भी अपने पिता की तरह मातृभूमि की सेवा कर रहे हैं.
शहीद लांस नायक राम बच्चन राय की पत्नी लालती देवी की आंखे पति की शहादत को याद कर नम हो जाती हैं. केंद्र सरकार की ओर से उन्हें पेट्रोलपंप आवंटित किया गया, जिसे उनका बड़ा पुत्र संजय कुमार देखते हैं.
दूसरा पुत्र रंजन कुमार बीटेक कर बेंगलुरु में एक प्राइवेट कंपनी में पदस्थापित है. सबसे छोटा पुत्र मंजय बेंगलुरु में बीटेक के अंतिम सत्र में पढ़ाई कर रहा है. शहीद की पत्नी बताती हैं कि लांस नायक की शहादत के बाद केंद्र सरकार की ओर से 14 लाख तथा राज्य सरकार की ओर 10 लाख रुपये की राशि दी गयी थी. हालांकि अभी तक शहीद स्मारक के निर्माण का परिजनों का सपना अधूरा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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