बरौली/मांझा : देवापुर हाइवे पर हुई दुर्घटना में दो युवकों की मौत से दो गांवों में मातमी सन्नाटा पसरा है, जबकि दोनों परिवारों में चीत्कार और सिसकियों का साम्राज्य है. किसी को गुमान भी नहीं था कि दो गांवों के करीबी आपसी रिश्तेदार हंसते-खेलते जा रहे हैं, लेकिन अब वे नहीं बल्कि उनकी लाश ही लौटेगी.
पप्पू की मौत की खबर जैसे ही उसके गांव कोल्हुआ पहुंची, अचानक मचे चीत्कार से पूरा गांव गूंज उठा. सहसा किसी को भी पप्पू की मौत का यकीन ही नहीं हो रहा था.
उसकी मां तेतरी देवी तो बेटे की मौत की खबर सुनते ही बेहोश हो गयी और जब होश में आयी तो उसकी भयंकर चीत्कार जैसे आसमान तक को गूंजा देने वाली थी.सबसे बुरे हालात तो पप्पू की बहन मिन्ता का है, जिसने न केवल अपना भाई खोया बल्कि अपना सुहाग भी इस दुर्घटना में गंवा दिया. रूपनछाप स्थित ससुर हरि महतो के घर से निकल रही उसकी हृदयबेधी चीत्कार से न केवल पड़ोसी बल्कि गुजरने वाले राहगीरों की आंखें भी भीग रही हैं.
एक तरफ भाई के मरने का गम तो दूसरी ओर पति की मौत ने मिन्ता को तोड़ कर रख दिया है. वह अपने दोनों बच्चे चार वर्षीय पलक और डेढ़ वर्षीय बेटे छोटू को सीने से लगाये लगातार चीत्कार रही है और बार-बार बेहोश हो रही है.
परिवार के बाकि लोग अपना गम भूल कर मिन्ता को संभालने में लगे हैं, लेकिन वह नहीं संभल पाती. वहीं उसके दोनों बच्चे कुछ समझ नहीं पा रहे और मां को रोते देख खुद भी रो रहे हैं और अभी भी अपने पापा संतोष का इंतजार कर रहे हैं जो मामा के साथ गये लेकिन अभी तक नहीं लौटे. मासूमों को ये यकीन है कि उनके पापा आकर रो रही मम्मी को चुप करायेंगे तो वह चुप हो जायेगी. इधर बहू का गम देख हरि महतो अपने को मजबूत करते हैं, लेकिन बेटे की मौत का गम बार-बार उनकी आंखों को भीगो रहा है. फिलहाल दोनों गांवों में मातम है और दोनों परिवार में चीत्कार है.
