विरोध. समान कार्य-समान वेतन की मांग को लेकर संविदा कर्मी अड़े
हाजीपुर : सदर अस्पताल में हड़ताली संविदा कर्मियों के हंगामे और विरोध-प्रदर्शन के कारण शुक्रवार को दिन भर चिकित्सा व्यवस्था अस्त-व्यस्त रही. अस्पताल में टीकाकरण एवं इलाज के लिए आये मरीजों के बीच कई बार अफरा-तफरी मची, जब आंदोलनकारियों ने सेवाएं बाधित करने की कोशिश की.
अस्पताल प्रशासन को स्वास्थ्य सेवा बहाल करने के लिए पुलिस की सहायता लेनी पड़ी. हड़ताली कर्मियों की संविदा समाप्त कर नयी बहाली करने के सरकारी आदेश से आक्रोशित स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मी हड़ताल के पांचवें दिन शुक्रवार को पूरे तेवर में दिखे. हड़ताली कर्मियों ने सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड परिसर में, जहां ओपीडी के मरीजों के पुर्जे बनाये जा रहे थे, पहुंच कर इस सेवा को बंद करा दिया. पुर्जा मिलना जैसे ही बंद हुआ कि मरीजों के बीच अफरा-तफरी मच गयी. इस बीच मरीजों एवं आंदोलनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई.
टीकाकरण केंद्र को कराया बंद
उधर आंदोलनकारी अस्पताल की ओपीडी सेवा बाधित कर रहे थे, तो इधर अपनी मांगों को लेकर लगभग एक महीने से हड़ताल पर चल रहीं एएनएमआर ने टीकाकरण केंद्र के समक्ष धरना देते हुए टीकाकरण का काम बंद करा दिया. इसके कारण बच्चों का टीकाकरण कराने पहुंचे परिजन परेशान हो उठे. टीकाकरण केंद्र में दोपहर 12.30 बजे तक 23 बच्चों का टीकाकरण हो चुका था. इसके बाद हड़ताली कर्मियों ने टीकाकरण का काम बाधित कर दिया गया. वहां मौजूद सदर प्रखंड क्षेत्र के चांदी धनुषी निवासी प्रकाश सिंह एवं नगर के विभिन्न वार्डों से आये मनोज महतो, दिव्या कुमारी, ज्योति कुमारी आदि के बच्चे को टीका देने से रोके जाने पर नोंक-झोक के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे का दृश्य उत्पन्न हो गया. चिकित्सा सेवाओं के बाधित होने से उधर मरीज आक्रोशित हो रहे थे, तो इधर हड़ताली कर्मी काम ठप रखने की अपनी जिद्द पर अड़े थे. इसके बाद सिविल सर्जन डॉ इंद्रदेव रंजन ने नगर पुलिस के साथ मौके पर पहुंच कर स्थिति को संभाला और स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करायी.
