हाजीपुर : जिले के सदर अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की सुविधा के लिए लगी टोकन मशीन खराब पड़ी है. मालूम हो कि जिले के विभिन्न प्रखंडों से सैकड़ों मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं. मरीज पंजीकरण काउंटर से पुर्जा लेकर चिकित्सक कक्ष पहुंच कर अपना इलाज कराने के लिए नंबर लगाते हैं. मरीजों […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
हाजीपुर : जिले के सदर अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की सुविधा के लिए लगी टोकन मशीन खराब पड़ी है. मालूम हो कि जिले के विभिन्न प्रखंडों से सैकड़ों मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं. मरीज पंजीकरण काउंटर से पुर्जा लेकर चिकित्सक कक्ष पहुंच कर अपना इलाज कराने के लिए नंबर लगाते हैं. मरीजों की सुविधा के लिए करीब दो वर्ष पूर्व लगी करीब एक दर्जन टोकन मशीन खराब पड़ी है. ओपीडी के शिशु विभाग, टेली मेडिसिन, फिजियोथेरेपी, चर्म रोग, नाक-कान,
आंख, युवा क्लिनिक, दंत, जांच केंद्र, लेबर रूम सहित करीब एक दर्जन चिकित्सक कक्ष के बाहर लगी टोकन मशीन खराब पड़ी हुई है. ओपीडी में लगा एक बड़ा-सा डिस्पले, जिसमें एक दर्जन कक्षों के बाहर लगी टोकन मशीन में सभी खानों में एक ही नंबर दिखायी दे रहा है. लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा आज तक इसे चालू नहीं कराया जा सका.
मरीज को इलाज के लिए चिकित्सक के पास पुर्जा जमा करने के बाद उसे एक नंबर दिया जाता है. मरीज का नंबर आते ही टोकन मशीन डिस्पले पर आ जाता है और मरीज को इलाज कराने में सुविधा होती है. मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा लगायी गयी टोकन मशीन आज शोभा की वस्तु बन कर रह गयी लेकिन इस खराब पड़ी टोकन मशीन की ओर सुधी लेने वाला कोई नहीं है.
ओपीडी में लगे डिसप्ले टोकन का क्या है मामला : जानकारी के अनुसार लगभग डेढ़ साल पहले बिहार मेडिकल इन्फ्रा स्ट्रक्चर कॉरपोरेट लिमिटेड(बीएमआईसीएल)द्वारा सदर अस्पताल के ओपीडी के विभिन्न विभागों के चिकित्सक कक्ष के सामने टोकन डिसप्ले लगाया गया था. लेकिन लाखों रुपये के इस उपकरण लगाये जाने के बाद आज तक यह चालू नहीं हो सका. सबसे आश्चर्य की बात यह है कि जिला चिकित्सा पदाधिकारी को भी इसकी जानकारी नहीं है कि ओपीडी में टोकन डिसप्ले लगाया गया था, जो बंद पड़ा है. अस्पताल प्रशासन की माने तो जिस एजेंसी द्वारा टोकन डिसप्ले लगाया गया था, उसके द्वारा अस्पताल प्रशासन को कोई कागजात उपलब्ध नहीं कराया गया. सूत्रों की मानें तो इसकी उच्चस्तरीय जांच करायी जाने पर मामला गबन का हो सकता है!
बोले सिविल सर्जन
ओपीडी में टोकन डिस्प्ले लगाये जाने की कोई जानकारी मुझे नहीं है. कई महीनों से खराब डिस्प्ले की जानकारी विभाग को नहीं दिया जाना लापरवाही है. इसकी जांच करायी जायेगी और यथा शीघ्र टोकन डिस्प्ले को चालू कराया जायेगा.