भवनों का टोटा, दो शिफ्टों में पढ़ाई

कुव्यवस्था. लालगंज के उत्क्रमित उच्च विद्यालय में संसाधनों का घोर अभाव लालगंज : लालगंज अंचल क्षेत्र में एक ऐसा उत्क्रमित उच्च विद्यालय है, जहां भवनकी कमी के कारण दो शिफ्टों में बच्चों की पढ़ाई होती है. इससे बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों, सभी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जी हां, हम बात […]

कुव्यवस्था. लालगंज के उत्क्रमित उच्च विद्यालय में संसाधनों का घोर अभाव

लालगंज : लालगंज अंचल क्षेत्र में एक ऐसा उत्क्रमित उच्च विद्यालय है, जहां भवनकी कमी के कारण दो शिफ्टों में बच्चों की पढ़ाई होती है. इससे बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों, सभी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जी हां, हम बात कर रहे हैं उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बसंता की. इस विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य दो शिफ्ट में निबटाया जाता है.
विद्यालय में वर्ग एक से आठ तक की पढ़ाई सुबह सात बजे से बारह बजे तक होती है तो उच्च विद्यालय 12 बजे से शाम पांच बजे तक चलाया जाता है. विद्यालय में भवन की बात की जाये तो अभी स्कूल का भवन प्राइमरी स्कूल चलाने लायक भी नहीं है. भवन के नाम पर मात्र एक बड़ा कमरा है, जिसकी खपरैल छत गायब है. इसके अलावा दो छतदार कमरे, जिसके साथ एक छोटा सा ऑफिस का कमरा लगा है. इसी में दोनों स्कूल के प्रधानाध्यापक अपना अलग-अलग अलमारी रखकर मुश्किल से ऑफिस चलाते हैं.
मध्य विद्यालय में नामांकित हैं 264 बच्चे : विद्यालय के इन्हीं दो कमरों एवं एक अस्त-व्यस्त हॉल में कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई होती हैं. मध्य विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मंजू कुमारी बताती हैं कि आठ शिक्षक-शिक्षिकाओं के सहयोग से 264 छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन संचालित किया जाता है. विद्यालय में भवन के अभाव में छात्र-छात्राओं को बरामदे पर बैठ कर पढ़ाई करनी पड़ती है.
100 से ऊपर नामांकित हैं उच्च विद्यालय में : विद्यालय में दूसरे शिफ्ट में जिस उच्च विद्यालय का संचालन होता है,उसमें एक सौ से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ग नौ में 67 तथा वर्ग 10 में 37 छात्र- छात्राएं नामांकित हैं. जहां तक शिक्षकों की बात है तो एक शिक्षक मो. अरशद अली एक वर्ष से बीएड ट्रेनिंग में हैं. वहीं विद्यालय में दो विषयों, हिंदी एवं संस्कृत के शिक्षक नहीं हैं. इसके कारण बच्चों का कोर्स पूरा होने में कठिनाई हो रही है. महज तीन शिक्षक अपना फर्ज अदा करते हुए किसी तरह से बच्चों का कोर्स पूरा करा रहे हैं.
स्कूल में संसाधनों की भी घोर कमी : भवन की समस्या से ग्रसित इस विद्यालय में चहारदीवारी तक नहीं है. खुला होने के कारण इसके सामने का मैदान आस पास के पालतू पशुओं का चारागाह बना रहता है. वहीं स्थानीय लोग अपना ट्रक तथा अन्य गाड़ियां खड़ी कर विद्यालय परिसर का गैरेज के रूप में उपयोग करते हैं. इसके वजह से बच्चों को खेलने में परेशानी होती है.
स्कूल में सैकड़ों बच्चे रोज पढ़ने आते हैं, लेकिन एक शौचालय भी नहीं है. विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. वहीं विद्यालय के फील्ड में लगा एक मात्र इंडिया मार्का चापाकल दूषित पानी देता है, जो पीने लायक नहीं है. इस कारण बच्चे स्कूल से बाहर जाकर पानी पीने को बाध्य हैं.
मध्य विद्यालय के निर्माण को वर्ष 2014 में आयी थी राशि.
दी गयी जानकारी के मुताबिक मध्य विद्यालय के भवन निर्माण के लिए वर्ष 2014 में लगभग 10 लाख रुपये की राशि आवंटित की गयी थी. इसके कार्य संपादन के लिए मध्य विद्यालय, नामीडीह के शिक्षक मो. इरशाद आलम को वित्तीय प्रभार दिया गया था. उक्त शिक्षक द्वारा उस राशि को अपने निजी खाते में ट्रांसफर करा लिया गया था. ग्रामीणों द्वारा खोजबीन करने के बाद, जैसा कि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अरविंद कुमार तिवारी ने बताया कि शिक्षक ने निकासी की राशि नौ लाख 65 हजार रुपये को बैंक में जमा करा दिया है.
बोले शैक्षिक एचएम
भवन के अभाव में स्कूल का संचालन दूसरे शिफ्ट में 12 बजे से शाम पांच बजे तक करना पड़ता है. वर्तमान मौसम में शाम पांच बजे अंधेरा हो जाता है. तब बच्चों को पढ़ाने में परेशानी होना प्रारंभ हो जाता है. जिसके बाद घर जाने में भी हमें काफी परेशानी होती है. परन्तु जो हालात है. हमने उसके साथ समझौता कर लिया है.
सुधीर कुमार श्रीवास्तव, शैक्षणिक प्रधानाध्यापक,उत्क्रमित उच्च विद्यालय बसंता
बोले पदाधिकारी
मध्यविद्यालय निर्माण के लिए आवंटित राशि लंबे समय से स्कूल के वित्तीय प्रभारी सह मध्य विद्यालय नामीडिह के शिक्षक मो. इर्शाद आलम के द्वारा गबन कर रखा गया था. विभागीय कार्रवाई के बाद उसने पैसे बैंक में जमा करा दिये हैं. अब निर्माण कार्य हेतु आगे की कार्रवाई की जा रही है. वहीं उच्च विद्यालय के भवन निर्माण हेतु भी विभाग को पत्र लिखा गया है.
अरविंद कुमार तिवारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, लालगंज

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