हाजीपुर : भगवानपुर थाना क्षेत्र के सारंगी गांव में 26 साल पहले एक व्यक्ति की हत्या मामले में एक अभियुक्त रमतलाल सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी. डीजे एके जैन ने मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को यह सजा मुकर्रर की. सरकार की ओर से मामले का कंडक्ट कर रहे पीपी वीरेंद्र नारायण सिंह ने सरकार की ओर से बहस की थी. उन्होंने बताया कि यह घटना 31 मार्च 1999 को होली के दिन हुई थी. रामाशीष सिंह अपने परिजनों के साथ होली मना रहे थे.
इसी दौरान पूर्व के विवाद को लेकर रमतलाल सिंह अपने समर्थकों के साथ उनके घर पर हमला बोल दिया था. पारंपरिक हथियारों से लैस हमलावरों ने जानलेवा हमला किया था. इसमें रामाशीष सिंह, उनकी पत्नी, भाई और अन्य परिजन जख्मी हो गये थे. इस संबंध में उनके पुत्र सुदिष्ट सिंह के बयान पर भगवानपुर थाने में कांड संख्या 16/99 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. प्राथमिकी में रमतलाल सिंह, संतोष सिंह, दिलीप सिंह, रणधीर सिंह की पत्नी और उर्मिला देवी को नामजद अभियुक्त बनाया गया था.
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रमतलाल सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. पुलिस ने पहले हत्या का प्रयास का मामला दर्ज किया था, लेकिन सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दो दिनों के बाद रामाशीष सिंह की मौत हो गयी. इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी में धारा 302 जोड़ते हुए कांड का अनुसंधान शुरू किया था. गिरफ्तार अभियुक्त रमतलाल सिंह के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल किया और उसके खिलाफ ट्रायल चला. ट्रायल पूरा होने पर कोर्ट ने उसे दोषी करार दिया और सोमवार को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनायी.
