आस्था. कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए जुटेंगे लाखों लोग
दो को होगा मेले का उद्घाटन , चार नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा स्नान
हाजीपुर : छठ महापर्व की समाप्ति के बाद कार्तिक पूर्णिमा मेले की तैयारी जोर शोर से चल रही है. गंगा स्नान के चंद रोज शेष रह गये हैं, जब गंगा और गंडक के पवित्र संगम में डुबकी लगाने लाखों लोग पहुंचेंगे. चार नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा स्नान है, जिस अवसर पर नगर के कोनहारा घाट से लेकर सोनपुर के काली घाट तक, नारायणी नदी के दोनों छोर पर दर्जनों घाटों पर स्नान के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ता है.
दो नवंबर को होगा मेले का शुभारंभ : विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र मेले का उद्घाटन आगामी दो नवंबर को होगा, जो सरकारी तौर पर 32 दिनों तक चलेगा. हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले की तैयारी जोरों पर है. मेला परिसर में सैकड़ों मजदूर पंडालों और प्रदर्शनियों की तैयारी में लगे हैं. लगभग चार वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैले मेले की तैयारी समय पर पूरी हो जाये,
इसके लिए प्रशासनिक कवायद तेज हो गयी है. मेला परिसर में पर्यटन विभाग के मुख्य पंडाल से लेकर कृषि प्रदर्शनी समेत विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों की तैयारी में तेजी से काम चल रहा है. हालांकि पिछले कई वर्षों से यह देखा जा रहा है कि सरकारी तौर पर मेले की आधी अवधि बीत जाने के बाद भी कई विभागों की प्रदर्शनी और स्टॉल की तैयारी का काम चल ही रहा होता है. ऐसे में, शुरूआती दिनों में मेला आने वाले लाखों लोग इन्हें नहीं देख पाते. इस बार भी मेला शुरू होने तक सभी प्रदर्शनियां तैयारी हो जाएंगी, यह कहना मुश्किल है. जबकि संबंधित विभागीय अधिकारियों को समय पर तैयारी पूरी कर लेने का निर्देश दिया गया है.
उधर मेले में जगह-जगह थियेटर के पंडाल बनने शुरू हो गये हैं. कभी मेले के नखास एरिया में ही थियेट्रिकल कंपनियों के शो होते हैं. इधर कुछ सालों से मेले के पशु बाजार तक थियेटरों का फैलाव हुआ है. इस बार भी पशु बाजार में कई थियेटरों के पंडाल बन रहे हैं. मेले मे दूसरे राज्यों के व्यापारी, जो लंबे अरसे से हर वर्ष आते रहे हैं, पहुंचने लगे हैं. लुधियाना, पानीपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, गोरखपुर, सहारनपुर, हरिद्वार आदि स्थानों से कंबल, चादर एवं ऊनी वस्त्रों के व्यापारियों का आना शुरू हो गया है.
मेले में पूर्व मध्य रेल की ओर से रेल प्रदर्शनी रेल ग्राम को भी रंग-रोगन से चमकाया जा रहा है. बाकी जगहों पर भी तैयारी जोरशोर से चल रही है. मेले का हृदय स्थल माना जाने वाला नखास भी सजने लगा है. मालूम हो कि इस बार नखास की बंदोवस्ती 01 करोड़ 87 लाख रूपये में हुई है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले ज्यादा है.
पूर्णिमा स्नान को पहुंचते हैं 10 लाख श्रद्धालु
भारत के धर्म क्षेत्रों में हरिहर क्षेत्र का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यहां विराट मेला लगता है, जो सरकारी स्तर पर एक माह और ऐसे दो महीने तक गुलजार रहता है. ऐसा माना गया है कि दुनिया के किसी भी देश में इतना बड़ा मेला नहीं लगता है. कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर हरिहर क्षेत्र में स्नान और दर्शन-पूजन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अब 10 लाख के करीब पहुंच जाती है.
गंडक इस पर हाजीपुर के कोनहारा घाट से लेकर पुल घाट तक और उस पार सोनपुर के काली घाट से लेकर अन्य घाटों तक तीर्थ यात्रियों का सैलाब उमड़ पड़ता है.
