आभूषण दुकानों में रौनकता बढ़ी
हाजीपुर : आज धनतेरस का त्योहार मनाया जा रहा है. धनतेरस के दिन ना केवल अपार धन-संपदा पाया जा सकता है बल्कि श्रद्धालु सेहत और सौभाग्य का वरदान भी पा सकते हैं. कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी पर जब ग्रहों और नक्षत्रों का अदभूत संयोग बनता है उस दिन धनतेरस की पूजा मनायी जाती है.
पूजा से कुबेर खुश होते है और धन-संपत्ति तथा वैभव का वरदान देते हैं. देवताओं के वैद्य धनवंतरि आरोग्य का सुख प्रदान करते हैं और अकाल मृत्यु के भय का नाश करते हैं. पुराणों में धनतेरस की पूजा को बेहद कल्याणकारी बताया गया है. इसे धन त्रियोदशी भी कहते हैं.
बिदुपुर प्रखंड के रामदौली गांव के आचार्य बैधनाथ शुक्ल कहते है कि इस दिन वैदिक देवता यमराज का पूजन किया जाता है. पूरे वर्ष में एक मात्र यहीं वह दिन है, जब मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है.यह पूजा दिन में नहीं की जाती, बल्कि रात में होती है.
यमराज की पूजा सिर्फ एक चौमुखी दीप जलाकर की जाती है. दीपक आटे का बना होता है. आटे का दीपक बनाकर घर के मुख्य द्वार पर दाईं ओर रख दिया जाता है. इस दीया को जमदीवा अथवा जम का दीया या यमराज का दीपक भी कहा जाता है.रात को घर की स्त्रियां दीपक में तेल डालकर नई रूई की बत्ती बनाकर, चार बत्तियां जलाती हैं. दीपक की बत्ती दक्षिण दिशा की ओर रखी जाती है.
दीपक जलाने से पहले उसकी जल, रोरी, फूल, चावल, गुड़, नैवेद्य आदि से पूजा की जाती है. घर के सभी सदस्य जब खाना खा लेते है तब जम का दीया निकाला जाता है. चूंकि यह दीपक मृत्यु के नियंत्रक देव यमराज के निमित्त जलाया जाता है, इसलिए दीप जलाते समय घर के महिलाये पूर्ण श्रद्धा से उन्हें नमन करते है ,साथ ही यह भी प्रार्थना करते है कि वे उनके परिवार पर दया दृष्टि बनाए रखें और किसी की अकाल मृत्यु न हो.
धनतेरस को खरीदारी होता है लाभकारी: धनतेरस बहुत ही शुभ दिन माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन खरीदारी करना शुभ होता है. घर में शुभता लेकर आता है. इस दिन खरीदारी करने से मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर प्रसन्न होते हैं और धन-संपत्ति प्राप्ति का वरदान देते हैं.
विद्वान पंडितों का मानना है कि धनतेरस का दिन इतना शुभ होता है कि इस दिन अगर कोई व्यक्ति पूरे दिन में कभी भी खरीदारी करे तो वह अच्छा ही होगा. हर धनतेरस पर खरीदारी करने का शुभ समय होता है, जिसमें खरीदारी करने पर ज्यादा फल की प्राप्ति होती है. धनतेरस के दिन अपनी अलग-अलग इच्छा की पूर्ति के लिए लोग अलग-अलग तरह के समानों की खरीदारी करते है.
आर्थिक लाभ के लिए श्रद्धालुगण धनतेरस के दिन पानी का बर्तन खरीदते है. कारोबार में विस्तार और उन्नति के लिए धातु का दीपक और संतान सम्बन्धी समस्या के लिए थाली या कटोरी खरीदते है. स्वास्थ्य और आयु के लिए लोग धातु की घंटी और घर में सुख शांति और प्रेम के लिए खाना पकाने के बर्तनों की खरीदारी करते है.
