हाजीपुर. नगर थाना क्षेत्र के गंडक नदी के अलग अलग दो घाटों पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गयी. जब एक महिला ने अपने दो बच्चों समेत गंडक नदी में छलांग लगा दी, वही दूसरी तरफ एक छात्रा गंगा जल लेने के क्रम में पैर स्लिप कर गहरे पानी में डूबने लगी.
एसडीआरएफ की टीम ने अपनी जान हथेली पर रखकर इन सभी को गहरे पानी में डूबने से बचा लिया. पहली घटना उस समय हुई जब एक छात्रा गंगा जल लेने के लिए सीढ़ी घाट पर गयी. गंगा जल लेने के क्रम में ही उसका पैर स्लिप कर गया और छात्रा गहरे पानी में डूबने लगी. आस पास के लोगों ने डूबते छात्रा को देख कर शोर मचाया.
आवाज सुन कर नदी में वोट से पेट्रोलिंग कर रहे एसडीआरएफ की टीम में तैनात जवानों ने पहुंच कर गंडक नदी के तेज धार में डूबते हुए नाबालिग लड़की को बचा लिया. लड़की को पानी से निकाल कर वोट द्वारा कैंप में लाकर पूछताछ की गयी. एसडीआरएफ इंस्पेक्टर हंसलाल गुप्ता ने बताया कि पूछताछ के क्रम में नगर थाना क्षेत्र के नखास चौक निवासी राजेश शर्मा की 14 वर्षीया पुत्री लाडली जो परिजनों के कहने पर गंडक नदी के सीढ़ी घाट पर गंगाजल लाने गयी थी इसी बीच पैर स्लिप कर गया .
और गहरे पानी में डूबने लगी .गंडक नदी में रिवर पेट्रोलिंग कर रहे एसडीआरएफ की टीम ने लड़की को बचा लिया. टीम के इंस्पेक्टर ने लड़की के परिजनों को सूचना दी और लड़की को पिता के हवाले कर दिया.
वही दूसरी घटना उस समय हुई जब पुरानी पुल घाट से एक महिला ने अपने दो बच्चों के साथ नदी में छलांग लगा दी. घटना की सूचना मिलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गयी.
महिला और बच्चें को नदी में डूबते देख नदी में वोट से पेट्रोलिंग कर रहे एसडीआरएफ के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए नदी में छलांग लगा दिया और गहरे पानी में डूबते महिला,एक बालक और नाबालिग लड़की को बचा लिया. जवानों ने सभी को कैंप लाकर पूछताछ किया.वही टीम ने सदर अस्पताल से एंबुलेंस को भी बुला लिया. एसडीआरएफ इंस्पेक्टर हंसलाल गुप्ता के अनुसार पूछताछ के क्रम में महिला ने बताया कि सदर थाना क्षेत्र के शुभई चौक छठ पोखड़ी के पास की रहने वाली नागेन्द्र साह की पत्नी उषा देवी, पुत्री प्रिया कुमारी और पुत्र अनुराग कुमार है.
उन्होंने बताया कि घरेलू विवाद के कारण महिला ने अपने पुत्र और पुत्री के साथ आत्महत्या करने के लिए गंडक नदी में छलांग लगायी थी. जिसे जवानों ने गंडक नदी से बचा लिया गया. एसडीआरएफ ने घटना की जानकारी महिला के परिजनों को दिया. महिला का परिजन कैप पहुंच कर मुलाकात की.महिला परिजन को देखते ही रोने लगी.
साथ ही मानवता का मिशाल पेश करते हुए एसडीआरएफ की टीम ने महिला समेत दोनों बच्चों को कैंप में भोजन कराया और महिला के परिजनों को उसे सौप दिया. इस मौके पर एसडीआरएफ इंस्पेक्टर हंसलाल गुप्ता,एस आई बिहारी महतो,अरुण शर्मा,कृष्णा महतो,रवि कुमार,राजेश कुमार,सत्येन्द्र कुमार,मुकेश कुमार समेत अन्य जवान शामिल थे.
