हाजीपुर : सीवान के रघुनाथपुर थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह निराला के हाजीपुर स्थित सीताचौक आवास पर सोमवार की शाम सन्नाटा पसरा हुआ है. थानाध्यक्ष का पूरा परिवार अपने लाडले के अपहरण की घटना को लेकर परेशान है. परिजन किसी अनहोनी घटना को लेकर दहशत में है. आज यानी मंगलवार को कुमार गौरव का 15वां जन्मदिन […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
हाजीपुर : सीवान के रघुनाथपुर थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह निराला के हाजीपुर स्थित सीताचौक आवास पर सोमवार की शाम सन्नाटा पसरा हुआ है. थानाध्यक्ष का पूरा परिवार अपने लाडले के अपहरण की घटना को लेकर परेशान है. परिजन किसी अनहोनी घटना को लेकर दहशत में है. आज यानी मंगलवार को कुमार गौरव का 15वां जन्मदिन है.
घर में उसका जन्मदिन घूमधाम से मनाने की तैयारी चल रही थी. बीते शनिवार को गौरव ने अपने पिता से जन्मदिन पर हाजीपुर आने को कहा था. पिता ने भी अपने बड़े पुत्र के जन्मदिन में शरीक होने और 15वां जन्म दिन धूमधाम से मनाने के लिए तैयारी कर चुके थे. रिश्तेदारों के जेहन में अब एक ही सवाल कौंध रहा है कि क्या गौरव अपने 15वें जन्मदिन का केक मां-बाप के साथ काट पायेगा!
घर के दरवाजे पर बैठी रिंकी कुमारी अपने पुत्र के आने का बेसब्री से इंतजार कर रही है. वहां पहुंचने वाले हर कोई की ओर वह देखती है और उसकी आंखे मानों एक ही सवाल पूछ रही है कि मेरे लाडले के बारे में कुछ पता चला. जब उसे कोई जवाब नहीं मिलता, तब वह रोने लगती है. आसपास की महिलाएं पास में बैठी हुई है. सभी अपने-अपने तरीके से ढाढ़स बंधाने का प्रयास कर रही है.
इधर एक पुलिस पदाधिकारी के पुत्र का अपहरण कर लिए जाने की घटना को लेकर पुलिस महकमें में खलबली मची हुयी है. रघुनाथपुर के थानाध्यक्ष श्री निराला अपने पुत्र की बरामदगी के लिए वैशाली एसपी राकेश कुमार से मिलकर गुहार लगाने के बाद अपने स्तर से खोजबीन में जुट गये है. हाजीपुर में गौरव के दोस्तों के घर जाकर उसके बारे में पता लगा रहे है. जंदाहा थाने के चकफतह गांव स्थित पैतृक घर पर भी गौरव के अपहरण की घटना को लेकर सन्नाटा पसरा हुआ है. गांव के लोग भी अपने स्तर से उसकी खोजबीन में लग गये है. छपरा और सीवान में रह रहे परिचितों के यहां भी गौरव के संबंध में पूछताछ की जा रही है.
बकौल मां रिंकी कुमारी वह पिछले छह वर्ष से सीता चौक के पास अपने दोनों पुत्रों के साथ रह रही है. गौरव एक निजी विद्यालय में चौथी कक्षा से पढ़ रहा है. वह घर से अहले सुबह पैदल निकलता था और सड़क पर स्कूल बस पकड़ कर आया-जाया करता था. उसके कई मित्र थे, जो घर पर आते-जाते रहते थे. मां की माने तो गौरव का स्वभाव अच्छा है और उसका किसी के साथ कभी कोई झगड़ा नहीं हुआ.
आज ही गौरव का है 15वां जन्मदिन
धूमधाम से जन्मदिन मनाने की चल रही थी तैयारी
गौरव ने जन्मदिन पर शरीक होने के लिए पिता से की थी बातचीत