अनलॉक-01: कंपनियों में काम करने के लिए नहीं मिल रहे मजदूर, अब हवाई टिकट और एडवांस सैलरी देकर बिहारी श्रमिकों को बुला रही कंपनियां

Unlock-01: अब बाहर की कंपनियां हवाई टिकट देकर बिहारी श्रमिकों को अपने यहां वापस बुला रही हैं. पटना एयरपोर्ट पर अब बेंगलुरु और हैदराबाद जाने वाली फ्लाइटों से समूह में ऐसे मजदूर जाते दिखने लगे हैं. लॉकडाउन के दौरान जहां बाहर से बिहार वापस लौटने वाले श्रमिकों की भीड़ लगी थी और ट्रेन और बसों से भर-भर कर इन्हें प्रदेश के अलग अलग जिलों में पहुंचाया जा रहा था.

पटना. अब बाहर की कंपनियां हवाई टिकट देकर बिहारी श्रमिकों को अपने यहां वापस बुला रही हैं. पटना एयरपोर्ट पर अब बेंगलुरु और हैदराबाद जाने वाली फ्लाइटों से समूह में ऐसे मजदूर जाते दिखने लगे हैं. लॉकडाउन के दौरान जहां बाहर से बिहार वापस लौटने वाले श्रमिकों की भीड़ लगी थी और ट्रेन और बसों से भर-भर कर इन्हें प्रदेश के अलग अलग जिलों में पहुंचाया जा रहा था.

वहीं अनलॉक वन की शुरुआत के साथ ही अब बिहार से अपने कार्यस्थलों को वापस लौटते भी श्रमिक दिखने लगे हैं. पुणे, बेंगलुरू और हैदराबाद की कई कंपनियां अब अपने बंद पड़े काम को दोबारा शुरू करने के लिए हवाई टिकट देकर अपने श्रमिकों को दोबारा बुला रही हैं. इनकी सहायता के लिए कंपनियों के एजेंट भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहते हैं और इन्हें अपने साथ लेकर ही कार्यस्थलों तक जाते हैं.

10 से 50 तक के समूह में वापस जा रहे श्रमिक

बिहार से सोमवार और मंगलवार को वापस जाते समय बातचीत के दौरान पटना एयरपोर्ट पर ज्यादातर श्रमिकों ने बताया कि वे सेमीस्किल्ड हैं. उन्होंने किसी तरह की तकनीकी डिग्री तो नहीं ली है, लेकिन लंबे समय तक काम करने के कारण मशीनों को ऑपरेट करने में कुशल हो चुके हैं. इनमें से कुछ बेंगलुरु की प्लास्टिक फैक्टरी में काम करते थे जबकि कुछ हैदराबाद के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर इंड्रस्टीज में. पुणे के कपड़ा उद्योग में भी कुछ लोग काम कर रहे थे जो मुंबई वाली फ्लाइट से जा रहे थे. बेंगलुरु जाने वाले समूह में 10 श्रमिक शामिल थे, जबकि हैदराबाद वाले समूह में 50 श्रमिक. पुणे जाने वाले समूह में 15 लोग शामिल थे.

लॉकडाउन के वेतन के साथ एडवांस भी दे रही कंपनियां

कई श्रमिकों ने बताया कि वापस बुलाने के लिए कंपनियों ने लॉकडाउन पीरियड के वेतन के साथ साथ उनको दो से तीन महीने का एडवांस वेतन लेने का भी ऑफर दिया है. यही वजह है कि वे जल्द से जल्द ड्यूटी ज्वाइन कर लेना चाहते हैं और जोखिम लेकर भी वापस जा रहे हैं.

राज्य में रोजगार की हो रही व्यवस्था: सीएम

बिहार सरकार अब बाहर से आए मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के दिशा में काम कर रही है. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पांच जिलों में पार्टी के सक्रिय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से कहा कि राज्य में रोजगार की व्यवस्था की जा रही है. प्रवासी मजदूरों का स्किल मैपिंग हो रही है. इसके अलावा नये उद्योगों को आकर्षित करने के लिए एक नयी औद्योगिक नीति बनायी जा रही है. उन्होंने पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं से कहा कि इन योजनाओं के साथ ही सात निश्चय सहित जल-जीवन-हरियाली अभियान की जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंचाएं. इसके साथ ही राजद के 15 साल के मुकाबले वर्तमान सरकार में पिछले 15 साल के कामकाज व उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार करें. मुख्यमंत्री ने सभी को कोरोना संक्रमण के प्रति सतर्कता रखते हुए सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करने और मास्क पहनने की सलाह दी. मुख्यमंत्री के संबोधन के पहले संवाद के दौरान प्रमुख नेताओं ने भी पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया.

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लेखक के बारे में

Author: Radheshyam Kushwaha

Published by: Prabhat Khabar

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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