Supaul News: वीरपुर नगर पंचायत में शुक्रवार से कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई. बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन और बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर नगर पंचायत के स्थायी, दैनिक, संविदा, आउटसोर्सिंग और ठेका कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया. कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी तीन सूत्री मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक राज्यव्यापी आंदोलन जारी रहेगा.
सभी श्रेणी के कर्मचारी हड़ताल में शामिल
हड़ताल में स्थायी कर्मचारी, दैनिक कर्मी, संविदा कर्मचारी, आउटसोर्सिंग कर्मचारी और ठेका कर्मी शामिल हुए.
कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और सरकार द्वारा अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है.
क्या हैं कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगें
संयुक्त रूप से लेखापाल सत्यनारायण चौधरी, प्रधान सहायक अरुण राय, टेक्स दरोगा अनिल चौधरी और अमरेंद्र सिंह ने बताया कि आंदोलन की तीन प्रमुख मांगें हैं.
उन्होंने कहा कि दैनिक कर्मियों का नियमितीकरण और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर समान काम के लिए समान वेतन लागू किया जाए और एपीसी/एमएससीपी योजना का पूर्ण क्रियान्वयन कर बकाया राशि का भुगतान किया जाए.
30 जुलाई से राज्यव्यापी आंदोलन जारी
कर्मचारियों ने बताया कि 30 जुलाई से शुरू हुई राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती.
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द पहल नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा.
नगर पंचायत सेवाओं पर पड़ सकता है असर
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो सफाई व्यवस्था, कर वसूली, कार्यालयी कार्य और अन्य नगर पंचायत सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं.
कर्मचारियों ने कहा कि वे अपने अधिकारों और सेवा सुरक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे.
बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन के दौरान खुशबू कुमारी, अरुण शर्मा, गजेंद्र राउत, अमित कुमार, प्रमोद गोठिया, प्रदीप मटियैत, संदीप कुमार, जितेन्द्र राउत, सुरेंद्र रजक, मनीष पंडित, उमेश राउत, दशरथ यादव, टिपू आलम, मनोज मरीक और श्याम यादव सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे.
