Supaul News: सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 454 एमएल प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार जब्त सामग्री में कुल 227 एम्पुल प्रतिबंधित इंजेक्शन, दो मोबाइल फोन, एक डेबिट कार्ड और एक बस टिकट शामिल है. दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर व्यापक जांच शुरू कर दी गई है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है. पूछताछ के आधार पर नशा तस्करी से जुड़े संभावित नेटवर्क की पहचान की जा रही है और अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) राजीव रंजन ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 28 जुलाई को गुप्त सूचना मिली थी कि पिपरा थाना क्षेत्र के तेतराही वार्ड संख्या 13 स्थित बांसबाड़ी में प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन की खरीद-बिक्री की जा रही है.
सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया और पुलिस टीम मौके पर पहुंची.
पुलिस को देखकर भागने लगे दोनों युवक
पुलिस के अनुसार टीम के पहुंचते ही वहां मौजूद दो युवक भागने का प्रयास करने लगे.
जवानों ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया. तलाशी के दौरान उनके पास से 54 एमएल प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए.
पूछताछ के बाद मिली अतिरिक्त बरामदगी
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने एक अन्य स्थान पर छापेमारी की.
इस कार्रवाई में 400 एमएल अतिरिक्त प्रतिबंधित इंजेक्शन, एक डेबिट कार्ड और एक बस टिकट बरामद किया गया. इस तरह कुल 454 एमएल यानी 227 एम्पुल प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन जब्त किए गए.
कौन-कौन से इंजेक्शन हुए जब्त
एसडीपीओ ने बताया कि जब्त इंजेक्शनों में ब्यूप्रेनोर्फिन और फेनिरामीन मेलिएट इंजेक्शन शामिल हैं.
पुलिस के अनुसार इन इंजेक्शनों का दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है और इससे युवाओं में नशे की लत तेजी से फैलने की आशंका रहती है.
दोनों आरोपियों की हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तेतराही वार्ड संख्या 10 निवासी आशुतोष आनंद (21 वर्ष) और थुमहा वार्ड संख्या 12 निवासी रविंद्र कुमार (24 वर्ष) के रूप में की गई है.
पुलिस दोनों के आपराधिक इतिहास का भी सत्यापन कर रही है. यदि किसी अन्य मामले में उनकी संलिप्तता सामने आती है, तो उसके अनुसार भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
पिपरा थाना में दोनों आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित इंजेक्शन कहां से लाए गए थे और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था. जांच का दायरा अन्य जिलों और संभावित सप्लाई चैन तक भी बढ़ाया जा सकता है.
Supaul News: पुलिस की चेतावनी और लोगों से अपील
एसडीपीओ राजीव रंजन ने कहा कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की सूचना मिले, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जा सके.
इस छापेमारी अभियान में पिपरा थानाध्यक्ष किशोर कुमार, पुअनि राजीव कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे.
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