Supaul News: त्रिवेणीगंज, सुपौल. शहर के मेला ग्राउंड परिसर स्थित मछली हाट में खुलेआम मांस की बिक्री का कथित वीडियो वायरल होने के बाद मामला गरमा गया है. वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक स्थल पर मांस की बिक्री और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाये हैं.
लोगों का कहना है कि यदि वीडियो में दिख रही गतिविधियां सही हैं, तो स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के दौरान भी मेला ग्राउंड में ऐसी दुकानें कैसे संचालित होती रहीं. खास बात यह है कि इसी मेला ग्राउंड से करीब 100 मीटर की दूरी पर अनुपलाल यादव महाविद्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया गया था.
ऐसे में समारोह स्थल के आसपास प्रशासनिक गतिविधियां और अधिकारियों की आवाजाही रहने के बावजूद कथित रूप से खुले में मांस की बिक्री का वीडियो सामने आने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है.
वायरल वीडियो ने बढ़ायी चर्चा
स्वतंत्रता दिवस के अगले दिन शनिवार को मांस की दुकानों से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. वायरल वीडियो में मेला ग्राउंड स्थित मछली हाट में कई मांस की दुकानें संचालित होती हुई दिखाई दे रही हैं.
वीडियो सामने आने के बाद शहर में इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गयी. स्थानीय लोगों का दावा है कि मेला ग्राउंड परिसर में खुले में मांस की बिक्री का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है.
हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई जा रही गतिविधियों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. इसलिए वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
समारोह स्थल से महज 100 मीटर की दूरी पर हाट
इस मामले में सबसे ज्यादा सवाल स्वतंत्रता दिवस के दिन की स्थिति को लेकर उठ रहे हैं. मेला ग्राउंड स्थित मछली हाट से लगभग 100 मीटर की दूरी पर अनुपलाल यादव महाविद्यालय परिसर में मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया था.
राष्ट्रीय पर्व के मौके पर समारोह स्थल के आसपास प्रशासन और अधिकारियों की गतिविधियां बनी रहती हैं. ऐसे में स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि मांस की दुकानें वास्तव में संचालित हो रही थीं, तो संबंधित विभागों की नजर वहां क्यों नहीं गयी.
लोगों ने कहा कि सार्वजनिक स्थल पर खाद्य पदार्थों की बिक्री से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है. खासकर ऐसे स्थानों पर जहां बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं, निगरानी और स्वच्छता व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है.
दुकानों के लाइसेंस पर भी उठे सवाल
मामला सामने आने के बाद शहर में संचालित मांस की दुकानों के लाइसेंस को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ दुकानदार आवश्यक वैध अनुमति और लाइसेंस के बिना कारोबार कर रहे हैं. हालांकि, इस आरोप की अभी तक प्रशासन की ओर से पुष्टि नहीं की गयी है.
लोगों की मांग है कि प्रशासन केवल वायरल वीडियो की जांच तक सीमित न रहे. शहर में संचालित सभी मांस दुकानों का भौतिक सत्यापन कराया जाये और उनके लाइसेंस तथा संबंधित अनुमति की जांच की जाये.
इसके साथ ही दुकानों में स्वच्छता व्यवस्था और सार्वजनिक स्थान के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की मांग की गयी है.
जांच में सामने आयेगी असली तस्वीर
फिलहाल इस पूरे मामले में वायरल वीडियो सबसे अहम कड़ी है. प्रशासन वीडियो की जांच और स्थल के भौतिक सत्यापन के माध्यम से यह पता लगा सकता है कि वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाया गया था तथा उसमें दिखाई जा रही दुकानें वैध अनुमति के साथ संचालित थीं या नहीं.
यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. वहीं यदि किसी तरह की अनियमितता नहीं मिलती है, तो जांच के बाद लोगों के बीच बना संदेह भी दूर होगा.
स्थानीय लोगों ने अनुमंडल प्रशासन और नगर प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है. उनका कहना है कि सार्वजनिक और संवेदनशील स्थलों पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ निगरानी व्यवस्था भी मजबूत होनी चाहिए.
Supaul News: प्रशासन ने दिया कार्रवाई का भरोसा
मामले को लेकर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राज साहिल ने कहा कि पूरे मामले की जांच करायी जायेगी. जांच के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
अब लोगों की नजर प्रशासन की जांच पर है. खास तौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वायरल वीडियो की वास्तविकता क्या है, मेला ग्राउंड में संचालित दुकानों के पास आवश्यक लाइसेंस और अनुमति है या नहीं और यदि नियमों का उल्लंघन मिला तो जिम्मेदारी किसकी तय होती है.
सार्वजनिक स्थल पर खाद्य कारोबार से जुड़े नियमों का पालन कराने के साथ प्रशासन के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती भी है कि भविष्य में ऐसी शिकायतें दोबारा सामने न आएं.
