सुपौल : जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल की ओर से मंगलवार को कार्यक्रम आयोजित कर मध्यस्थता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले तीन मध्यस्थों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. राकेश कुमार सिंह ने शीलभद्र कुमार सिंह, हित नारायण झा एवं शक्ति कुमारी सारिका को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान चिह्न प्रदान किया.
आपसी सहमति से विवाद सुलझाने में मध्यस्थता कारगर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से विभिन्न प्रकार के विवादों का समाधान आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से कम समय में किया जा सकता है. इससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करने में भी मदद मिलती है.
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि मध्यस्थता न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, त्वरित और जनसुलभ बनाने का सशक्त माध्यम है. सम्मानित मध्यस्थों के प्रयासों से विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के साथ समाज में सौहार्द और आपसी विश्वास को बढ़ावा मिलता है.
न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास होता है मजबूत
उन्होंने कहा कि मध्यस्थता की प्रक्रिया पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद का समाधान खोजने का अवसर देती है. ऐसे प्रयास न्याय व्यवस्था में लोगों के विश्वास को और मजबूत करते हैं. कार्यक्रम के अंत में सभी सम्मानित मध्यस्थों को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान चिह्न प्रदान किया गया. मौके पर न्यायिक अधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे.
