राघोपुर किसानों को मिट्टी की सेहत संरक्षण तथा रसायन मुक्त खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार को प्रखंड क्षेत्र के बौराहा पंचायत में खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, राघोपुर के वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी दी. कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ मिथलेश कुमार रॉय ने की. इस अवसर पर वैज्ञानिक नीलेश कुमार, डॉ अलीशा तथा आत्मा सुपौल के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे. पंचायत के जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसानों ने कार्यक्रम में भाग लेकर खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की. वैज्ञानिकों ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बिना मिट्टी जांच के खाद का उपयोग करना अंधेरे में तीर चलाने के समान है. उन्होंने किसानों को सलाह दी कि मिट्टी जांच रिपोर्ट के आधार पर ही फसलों को संतुलित पोषण उपलब्ध कराएं. जिससे खाद की बचत के साथ-साथ उत्पादन में भी वृद्धि होगी. कार्यक्रम के दौरान मृदा की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए हरी खाद, खली, केंचुआ खाद, कम्पोस्ट तथा सड़ी हुई गोबर खाद के उपयोग पर विशेष बल दिया गया. वैज्ञानिकों ने बताया कि जैविक खादों के प्रयोग से मिट्टी की संरचना बेहतर होती है और उसकी जलधारण क्षमता भी बढ़ती है. इस अवसर पर डॉ नित्यानंद ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि रसायन मुक्त कृषि उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है. प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरता को सुरक्षित रखती है. बल्कि किसानों के स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति के लिए भी लाभदायक साबित होती है. कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने अपनी-अपनी खेतों से संबंधित समस्याएं वैज्ञानिकों के समक्ष रखी, जिनका मौके पर ही समाधान बताया गया. वहीं पंचायत प्रतिनिधियों ने किसानों को कृषि एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को टिकाऊ खेती की दिशा में आगे बढ़ने तथा मिट्टी की सेहत बचाने का संदेश दिया गया.
जैविक खादों के प्रयोग से मिट्टी की संरचना होती है बेहतर : कृषि वैज्ञानिक
किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि रसायन मुक्त कृषि उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है. प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरता को सुरक्षित रखती है. बल्कि किसानों के स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति के लिए भी लाभदायक साबित होती है.
